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कतर में गई इंजीनियर की नौकरी, भारत आकर बना लुटेरा, दो साथियों के साथ पुलिस ने किया गिरफ्तार

Sun, 23 Aug 2020 09:01 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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गिरफ्तार तीनों आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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नई दिल्ली के द्वारका जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने कोरोना महामारी व लॉक डाउन की वजह से कतर से नौकरी छूटने के बाद भारत आए एक इंजीनियर व उसके दो दोस्तों को लूटपाट करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पंजाब से आए दो युवकों की कार को पुलिसकर्मी बनकर रूकवाया और फिर उन्हें अगवा कर लूटपाट की। 

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सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस बदमाशों तक पहुंची। इनके कब्जे से पुलिस ने दो कान की बाली, दो वॉकी टॉकी, एक फोन और वारदात में इस्तेमाल क्रेटा कार बरामद की है। 

जिला पुलिस उपायुक्त ऐंटो अल्फोंस ने बताया कि आरोपियों की पहचान लोनी गाजियाबाद निवासी स्वप्निल(26), केशव सहगल(34) और रानीबाग निवासी रवि शर्मा के रूप में हुई है। पंजाब के भटिंडा निवासी मंदीप सिंह और बरनाला पंजाब निवासी जगदीप सिंह ने 18 अगस्त की देर रात बाबा हरिदास नगर थाने में अगवा कर लूटपाट की शिकायत की। 
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शिकायत में पीड़ितों ने बताया कि पंजाब से काम के सिलसिले में दिल्ली आए थे। यहां से वापस जाने के दौरान नजफगढ़ सब्जी मंडी के पास एक क्रेटा कार सवार कुछ बदमाश खुद को पुलिसकर्मी बताकर उन्हें तलाशी के लिए रोका। फिर अपनी क्रेटा कार में बिठा लिया। 

एक बदमाश उनकी वर्ना कार में सवार हो गया। करीब दो घंटे तक घुमाने के दौरान बदमाशों ने पैसे उगाही की कोशिश की। नाकाम होने पर जगदीप की कान की बाली, सोने की चेन और मोबाइल फोन लूट लिए। बाद में उन्हें सिंघु बॉर्डर पर छोड़ दिया। साथ ही कहा कि कार जहां से लूटी थी, वहीं मिल जाएगी। दोनों जब वहां पहुंचे तो उनकी कार खड़ी मिली।  

निरीक्षक नवीन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच के दौरान 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। जिसमें से एक फुटेज में आरोपियों की काले रंग की क्रेटा कार का नंबर दिख गया। जिसके जरिए पुलिस लोनी निवासी कार मालिक उदयवीर के घर पहुंची। 


एक अन्य दोस्त रवि को भी शामिल किया जो कॉल सेंटर में काम करता था। रवि को अपनी मां के इलाज के लिए पैसे की जरूरत थी। उनलोगों ने पुलिसकर्मी बनकर लूटने की योजना बनाई। पुलिसकर्मी दिखने के लिए आरोपियों ने बाजार से दो वॉकी टॉकी खरीदे।

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जांच में पता चला कि उदयवीर देश से बाहर रहता है। उसकी कार का इस्तेमाल स्वप्निल करता है। पुलिस ने स्वप्निल को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की और उसके दो सहयोगी को भी दबोच लिया।

लूटपाट कर जल्द रुपये कमाना चाहते थे बदमाश 
पूछताछ में स्वप्निल ने बताया कि वह मूलत: लोनी का रहने वाला है। वह कतर में इंजीनियर था। कोरोना महामारी व लॉकडाउन की वजह से उसकी नौकरी छूट गई। उसके बाद वह भारत आ गया। 

कतर की शान शौकत के मुताबिक भारत में उसे नौकरी नहीं मिल रही थी। उसके बाद उसने लूटपाट करने की सोची। उसने प्रॉपर्टी डीलर दोस्त केशव सहगल से इस बारे में बात की। लॉकडाउन की वजह से उसका कारोबार भी ठीक नहीं चल रहा था। 
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