नोएडा सेक्टर-24 पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर सैकड़ों लोगों से सिक्योरिटी मनी के नाम पर करोड़ों ठग चुका है। आरोपी गैंग ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों और ब्लाक में सरकारी नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र तक जारी कर देता था।
लोगों से ठगे गए रुपयों से भी आरोपी तीन माह तक मानदेय देता था। सरगना अभी तक दो बार इसी तरह के मामले में जेल जा चुका है। मामले में दनकौर के मंडप्पा गांव के स्कूल में प्रधानाचार्य मुकेश कुमार, पीपलका में शिक्षक सुखपाल, एबीएसए आफिस में डॉक डिस्पेच करने वाला प्रेमचंद और एनजीओ के सहायक निदेशक मोहित यादव व नवीन निश्चल आदि अभी फरार है।
अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था लव कुमार ने बताया कि 14 दिसंबर को कुछ लोगों ने सेक्टर-24 कोतवाली जाकर शिकायत दी थी। आरोप था कि ब्लॉक समन्यक और विधिक सलाहकार बनाने के नाम पर डॉ. बृजेश कुमार वर्मा नामक का व्यक्ति 40 से 50 हजार रुपये प्रति व्यक्ति हड़प रहा है।
एडीसीपी रणविजय सिंह और एसीपी रजनीश वर्मा ने थानाध्यक्ष प्रभात दीक्षित ने मामले की जांच शुरू की। सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ। इस खेल में दनकौर एबीएसए का बाबू व डिस्पेचर भी शामिल है।
पुलिस ने रविवार को मोरना बस स्टैंड के पास से जालसाज डॉ. बृजेश कुमार वर्मा को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 41,500 रुपये व उसकी निशानदेही पर सेक्टर-22 स्थित कार्यालय से दस्तावेज, मोबाइल फोन, डेस्कटॉप कंप्यूटर आदि बरामद किए। इसके बाद बृजेश का सहयोग करने वाले डाइड में संविदा पर काम कर रहे महेश पटेल पुत्र छेदालाल निवासी ग्राम परम थाना मिलक जनपद रामपुर को गिरफ्तार किया गया।
जबकि तीसरा आरोपी एबीएसए का बाबू राजवीर उर्फ राजू पुत्र कालीचरण निवासी हसनपुर जागीर थाना दनकौर को भी गिरफ्तार कर लिया। अकेले गौतमबुद्धनगर में ही 200 से अधिक लोगों से ठगी की है। जबकि बरेली और फतेहपुर में भी इसी तरह सैकड़ों लोगों को ठग चुका है।