आस्था कुंज सामूहिक दुष्कर्म मामले में साकेत कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। यह वारदात कालकाजी मंदिर के पास एक 17 वर्षीय किशोरी के साथ हुई थी।
आस्था कुंज सामूहिक दुष्कर्म मामले के तीनों आरोपियों को साकेत कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। तीनों आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपिका ठाकरान के सामने पेश किया गया था।
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यह था मामला
दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास तीन युवकों ने एक 17 वर्षीय लड़की से सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़िता अपने नाबालिग मित्र के साथ शाम को कालकाजी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंची थी। दर्शन के बाद दोनों एक पार्क में बैठे थे तभी तीन युवक वहां पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताकर उन्हें धमकाने लगे और किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, किशोरी अपने नाबालिग मित्र के साथ शाम को कालकाजी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंची थी। दर्शन के बाद दोनों बाहर निकले और टहलते हुए मंदिर के पीछे वाले इलाके में चले गए। शाम करीब 7.30 बजे तीन लोग पहुंचे। पहले तो तीनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को धमकाया। फिर उनमें से एक ने किशोर को पकड़ लिया। इसके बाद तीनों आरोपितों ने बारी-बार किशोरी के साथ दुष्कर्म किया।
आस्था कुंज कांड के बाद पुलिस का एक्शन
सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वुमेन (एलएसआर) और उसके आसपास छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। आस्था कुंज पार्क के अंदर एक पीसीआर वैन और पार्क के गेट के पास महिला पीसीआर वैन तैनात की गई है। इसके अलावा कॉलेज के बाहर स्थित पुलिस बूथ पर भी 24 घंटे एक पुलिसकर्मी तैनात रहेगा।