फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शौकीनों सुनो!: कहानी हेराफेरी की, पढ़कर टूट जाएगा पीने वालों का दिल, 300 में तैयार होती थी 30 हजार वाली शराब

Thu, 27 Apr 2023 09:38 PM IST
Vikas Kumar कैलाश गठवाल, अमर उजाला, फरीदाबाद

सार

क्राइम ब्रांच बदरपुर बॉर्डर प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया आरोपी ढाई सौ से तीन सौ रुपये कीमत की साधारण शराब की बोतलों को महंगे ब्रांड की बोतल में डाल देते थे। 
विज्ञापन
नकली शराब का भंडाफोड़ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नकली शराब बेचने के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूछताछ में जो बताया वह महंगी शराब का सेवन करने वालों के लिए काफी चौंकाने वाला है। आरोपी मात्र तीन सौ रुपये की लागत में तीस हजार रुपये तक की ब्रांडेड बोतल तैयार कर देते थे। इतनी कम लागत आने के बाद भी आरोपियों के रेट में कोई कमी नहीं रहती थी। 

विज्ञापन
Trending Videos

आरोपियों का कहना है दाम कम करने से खरीदार को शक हो जाता है। वह अन्य ठेकों के मुकाबले 200 से 300 रुपये तक की छूट दे देते थे। पकड़े गए आरोपियों के अलावा इस खेल में कई और गिरफ्तारियां होनी बाकी हैं। आरोपी चरणसिंह पुराना खिलाड़ी है। उसने शराब बेचने की शुरूआत देशी बोतल से की थी। इसके बाद वह ठेकों से माल लेकर अवैध रूप से शराब की तस्करी करने लगा। अब पिछले आठ महीने से आरोपी ने महंगी शराब को सस्ते दाम पर बनाकर बेचना शुरू किया। आरोपी के पास से जो ब्रांड मिले हैं, उनकी कीमत पांच हजार से तीस हजार रुपये बोतल तक की है। क्राइम ब्रांच बदरपुर बॉर्डर ने आरोपियों को तीन दिन के रिमांड पर ले रखा है। इस दौरान आरोपियों ने बताया किस तरह वे लोगों के साथ ठगी करते थे।

क्राइम ब्रांच बदरपुर बॉर्डर प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया आरोपी ढाई सौ से तीन सौ रुपये कीमत की साधारण शराब की बोतलों को महंगे ब्रांड की बोतल में डाल देते थे। इसके लिए आरोपियों ने तीन अलग-अलग सप्लायरों से संपर्क साध रखा था। एक कबाड़ी केवल महंगे ब्रांड की खाली बोतल की सप्लाई करता था। 

दूसरा सील के लिए हूबहू असली ढक्कन व सील का इंतजाम करता था। इसके अलावा एक आरोपी का काम महंगे ब्रांड के लेबल उपलब्ध कराना होता था। इसके बाद आरोपी निखिल महंगी ब्रांड की अलग-अलग शराब के हिसाब से अलग-अलग सस्ती शराब को बोतल में भर देता था। 

आरोपी चरणजीत इसे असली बोतलों के साथ मिलाकर नई पेटी तैयार करता था। एक पेटी में आधी असली और आधी नकली शराब होती थी। इसके बाद इन्हें अपने निश्चित ठेकों पर भेज दिया जाता था। शराब बेचने वाला कारिंदा ग्राहक के हिसाब से माल को बेच देता था। आरोपी नकली शराब को खासकर ऐसे ग्राहकों को देते थे जो हाइवे पर गाड़ी ले जा रहे होते थे। बार-बार वाले ग्राहक को असली बोतल दी जाती थी। 
विज्ञापन

संदीप कुमार का कहना है मामले में कई गिरफ्तारी होना अभी बाकी है। मामले की गहनता से जांच चल रही है। अंदेशा है आरोपी फरीदाबाद से बाहर भी माल की सप्लाई करता है। कुछ और नाम सामने आए हैं। जल्द पूरे नेटवर्क को साफ किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें