फिल्म ‘स्पेशल-26’ की तर्ज पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले गैंग के तीन सदस्यों को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। आरोपी टेरिटोरियल आर्मी (प्रादेशिक सेना) में भर्ती करवाने के नाम पर ठगी करते थे। आरोपियों की पहचान महेंद्रगढ़ (हरियाणा) निवासी बालकिशन, आंध्र प्रदेश निवासी कल्लेपल्ली श्रीवास्तव राव और कोट्टापल्ली वेंकटेश रामाना राव के रूप में हुई। आरोपियों के पास से 11 फर्जी एडमिट कार्ड, तीन मोबाइल व अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि इन लोगों ने देशभर के 150 युवाओं से लाखों रुपये की ठगी की है। आरोपी कल्लेपल्ली एलएलबी कर रहा है, जबकि कोट्टापल्ली आंध्र प्रदेश के एक प्राइवेट स्कूल में टीचर है। बालकिशन कोचिंग सेंटर चलाता है।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि शनिवार को महेंद्रगढ़ (हरियाणा) निवासी एक युवक ने ठगी की शिकायत दी थी। उसने बताया कि कुछ लोग टेरिटोरियल आर्मी में भर्ती के नाम पर ठगी कर रहे हैं। यह लोग बाकायदा फर्जी मेडिकल टेस्ट और फिजिकल टेस्ट भी करवाते हैं। बाद में फर्जी एडमिट कार्ड देकर युवकों को टरका दिया जाता है। सूचना के बाद एसीपी श्वेता सिंह चौहान व इंस्पेक्टर कैलाश चंदर व अन्य की टीम ने छानबीन शुरू कर दी। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी महिपालपुर में एक युवक को टेरिटोरियल आर्मी का फर्जी एडमिट कार्ड देने आने वाले हैं। शनिवार को पुलिस ने महिपालपुर फ्लाईओवर के पास से तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
खुद को बताते थे सेना का अधिकारी
आरोपियों ने खुलासा किया कि वह फिल्म ‘स्पेशल-26’ की तर्ज पर ठगी करते थे। बालकिशन गैंग लीडर है। वह महेंद्रगढ़ में इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट के नाम से कोचिंग सेेंटर चलाता है। बालकिशन बेरोजगारों को टेरिटोरियल आर्मी में भर्ती का झांसा देकर फिजिकल व मेडिकल के लिए भुवनेश्वर, ओडिशा, कोयंबटूर, तमिलनाडु, पुणे और महाराष्ट्र भेजता था। आरोपी कल्लेपल्ली श्रीवास्तव इन लड़कों का टेस्ट करवाकर उन्हें फर्जी एडमिट कार्ड उपलब्ध करवाता था। मेडिकल और फिजिकल टेस्ट लेते समय आरोपी खुद को सेना का अधिकारी प्रदर्शित करते थे। आरोपी खुद को डॉक्टर बताने के लिए गले में आला (स्थेथोस्कोप) और कलर ब्लाइंडनेस की जांच करने के लिए किताब रखते थे। आरोपी कोट्टापल्ली खुद को सेना का बड़ा अधिकारी बताकर होटल में उनसे मिलता था। कोट्टापल्ली ही लड़कों को एडमिट कार्ड साइन करके देता था।
देश के कई हिस्सों में करवाते थे टेस्ट
बालकिशन महेंद्रगढ़ में कोचिंग सेंटर चलाता है। उसकी मुलाकात छात्रों की भर्ती के लिए बीके सिंह उर्फ पंकज नामक शख्स से हुई थी। शुरुआत में बालकिशन की कोचिंग के छात्रों के साथ ठगी हुई थी। बालकिशन ने बीके सिंह से इसका विरोध किया, तो बीके सिंह ने उसे भी ठगी के धंधे में अपने साथ मिला लिया। बीके सिंह ने ही उसे आर्मी की नकली मोहर दिलवाई। इसके बाद कल्लेपल्ली व कोट्टापल्ली से इसकी मुलाकात करवाई। आरोपी युवाओं के देश के अलग-अलग हिस्सों में बुलाकर वहां उनका फिजिकल व मेडिकल टेस्ट करवाते थे।