विधानसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा नियुक्त किए गए 9455 जेबीटी अध्यापकों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। 18 महीने पहले इन अध्यापकों का चयन हो चुका है। लेकिन अभी तक नियुक्ति नहीं हो पाई है। जेबीटी शिक्षकों व मुख्यमंत्री के साथ कई दौर की वार्ता के बाद सरकार ने हाईकोर्ट में अग्रिम सुनवाई के लिए याचिका दायर कर दी थी। जिसपर सुनवाई 29 मार्च को होनी है। संभावना जताई जा रही है कि हाईकोर्ट में 29 मार्च को इस पर फैसला सुना सकता है।
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 14 अगस्त 2014 को हरियाणा स्कूल शिक्षक भर्ती बोर्ड ने 9455 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती की। इनके अंगूठे के निशान को लेकर मामला हाईकोर्ट में चला गया। हाईकोर्ट ने हुड्डा सरकार को भर्ती के नतीजे घोषित करने की इजाजत दे दी, लेकिन यह भी कहा कि चयनित शिक्षकों को नियुक्ति-पत्र कोर्ट का अंतिम फैसला आने के बाद ही दिये जाएं।
इस बीच हरियाणा में सरकार बदल गई। अक्तूबर-2014 में मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी। इन चयनित शिक्षकों ने नियुक्ति को लेकर खट्टर सरकार के खिलाफ आंदोलन किया। पंचकूला में नवचयनित जेबीटी अध्यापकों का आमरण अनशन भी चल रहा है।
इसके बावजूद सरकार संघ की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही। पात्र अध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष आदेश कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार की लेटलतीफी नीति के खिलाफ रविवार को भर्ती की रणनीति बनाई गई। नए शैक्षणिक सत्र से पहले जेबीटी अध्यापक बड़ा आंदोलन करेंगे।