सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर रौब दिखाने वालों की खैर नहीं। खासकर हथियार लहराते हुए फोटो डालकर लोगों में डर पैदा करने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। दिल्ली पुलिस इस साल अब तक एक दर्जन से अधिक आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है। ऐसे युवाओं को हथियार मुहैया करवाने वालों पर भी पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
हाल में देखा गया कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसी सोशल नेटवर्किंग साइटों पर युवा अपनी फोटो और शार्ट रील बनाकर पोस्ट कर रहे हैं। यू-ट्यूब पर कई गानों के साथ नाबालिग गिरोह के सदस्य वीडियो बना रहे हैं, जिनमें जानलेवा हथियारों के साथ शूट करके अपना रौब जमाने की कोशिश कर रहे हैं। कई वारदातों की जांच के दौरान पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए ही ऐसे नाबालिगों और युवाओं को पकड़ चुकी है।
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर हथियार दिखाकर रौब जमाने वाले युवाओं की पकड़ धकड़ शुरू कर दी है। इस साल पुलिस ने दर्जन भर से अधिक युवाओं को पकड़ा है। जो हथियार लहराते हुए वीडियो और फोटोग्राफ्स को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। पुलिस ने ऐसे आरोपियों से पिस्टल और कारतूस बरामद किए हैं।
आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि वह अपने आस पास रहने वालों के बीच रुतबा बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। साथ ही पूछताछ में पता चला है कि वह अपने आस पास सक्रिय हथियार तस्करों या फिर किसी गैंग के शूटर के संपर्क में आकर उनसे पिस्टल खरीदे थे। हालांकि इस तरह के वीडियो से लोगों में डर पैदा होता है इसलिए पुलिस ने ऐसे आरोपियों पर कार्रवाई का फैसला किया है।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर निगरानी बढ़ाई : पुलिस उपायुक्त ने जिले की स्पेशल स्टाफ, वाहन चोरी निरोधक शाखा, नारकोटिक्स सेल सहित अन्य यूनिट को ऐसे लोगों पर निगरानी रखने के आदेश दिए हैं। जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पुलिस लगातार निगरानी रख रही है। पुलिस अपने जिलों में चल रहे व्हाट्सएप ग्रुप, इंस्टाग्राम ग्रुप और यू-ट्यूब की जांच करती है।
गैंगस्टरों के रहन सहन से प्रभावित होते हैं युवा : पकड़े गए ज्यादातर युवाओं ने बताया कि वह सोशल मीडिया पर मौजूद गैंगस्टरों के वीडियो से प्रभावित थे। पुलिस अधिकारी का कहना है कि गैंगस्टर के रहन सहन को देखकर युवा अकसर अपराध की तरफ आकर्षित होते हैं। सबसे पहले गैंगस्टरों के पेज फॉलो करते हैं। जहां गैंगस्टर के गुर्गे इन युवाओं को गैंग में शामिल करवाने का प्रयास करते हैं। वह युवाओं को हथियार मुहैया करवाते हैं। हथियार मिलने के बाद युवा अपने आस पास के लोगों पर राैब जमाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर हथियार लेकर फोटो डालते हैं।
हथियार के साथ वीडियो और फोटोग्राफ्स को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर डालकर लोगों में डर पैदा करते हैं। ऐसे आरोपियों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस इन्हें हथियार मुहैया करने वालों की भी धर पकड़ कर रही है।
-सचिन शर्मा, पुलिस उपायुक्त बाहरी दिल्ली