अमर उजाला के कार्यक्रम में अपनी बात रखती अभिनेत्री रानी मुखर्जी
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मेरे मन में भी गुस्सा है। सात साल पहले निर्भया केस को लेकर पूरा देश खड़ा हो गया था। अब हाल में हुईं घटनाओं के बाद एक बार फिर देश महिला सुरक्षा की बात कर रहा है लेकिन हैदराबाद हो या निर्भया केस दुष्कर्म करने वाले इंसान नहीं बल्कि हैवान होते हैं। ये कहना है फिल्म अभिनेत्री रानी मुखर्जी का। बृहस्पतिवार को नई दिल्ली के जनपथ स्थित इम्पीरियल होटल में वीरांगनाओं को मर्दानी का सलाम कार्यक्रम में रानी मुखर्जी ने महिला सशक्तिकरण की बात कही।
अमर उजाला के इस कार्यक्रम में रानी मुखर्जी ने 40 महिलाओं को सम्मानित भी किया, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य के जरिए अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। ये सभी महिलाएं अमर उजाला की पाठक हैं और इनका कहना है कि महिला सुरक्षा को लेकर सरकार को जल्द से जल्द ठोस कानून लागू करना चाहिए।
रानी मुखर्जी की हाल ही में फिल्म मर्दानी-2 रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में यौन शोषण के अपराध में नाबालिगों की भूमिका से जुड़ी कहानी है। फिल्म में एक पुलिस अधिकारी का किरदार निभा रहीं रानी मुखर्जी का कहना है कि समाज में अभी भी मर्द अपने घर जाकर अपनी पत्नियों पर एहसान जताते हैं कि वे काम करके घर आए हैं। उनका व्यवहार घर में मौजूद बच्चों को प्रभावित करता है।
वे कहती हैं कि अपराध की शुरूआत ही घर से होती है। इसलिए महिलाओं के प्रति व्यवहार में लोगों को बदलाव करना चाहिए। अपने बच्चों के साथ यौन शिक्षा पर खुलकर बात करनी चाहिए। ताकि ये बच्चे अपना बचाव स्वयं कर सकें। साथ ही निर्भया और हैदराबाद जैसी घटनाओं को लेकर भी बच्चों के साथ चर्चा करनी चाहिए। वे कहती हैं कि बचपन से ही उनके अंदर दुर्गा है। देश की हर महिला के अंदर दुर्गा है। बस जरूरत है उस दुर्गा को बाहर लाने की।
अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने कहा, मेरी फिल्म एक ऐसे वक्त में आ रही है जब पूरा देश बेटियों की सुरक्षा को लेकर मांग कर रहा है। हैदराबाद, राजस्थान और अब यूपी के उन्नाव की घटना सामने आने के बाद एक महिला होने के नाते उनके रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जल्द से जल्द इस तरह के अपराधों पर ठोस समाधान की जरूरत है।