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एलजी ने दी मंजूरी: आपित्तजनक नारे लगाने व टिप्पणी करने वालों पर चलेगा मुकदमा, 2018 का है मामला

Wed, 09 Nov 2022 12:27 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नौ अगस्त, 2018 को युवा समानता और आरक्षण विरोधी पार्टी के कार्यकर्ता कृष्ण मोहन राय और आशुतोष कुमार सहित अन्य ने संसद मार्ग पर आरक्षण के खिलाफ नारेबाजी की थी। 
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दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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चार साल पहले 2018 में आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान अनुसूचित जाति-जनजाति और भारतीय संविधान के खिलाफ नारे लगाने सहित वर्ग विशेष के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के मामले को गंभीरता से लेते हुए उपराज्यपाल ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। 

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नौ अगस्त, 2018 को युवा समानता और आरक्षण विरोधी पार्टी के कार्यकर्ता कृष्ण मोहन राय और आशुतोष कुमार सहित अन्य ने संसद मार्ग पर आरक्षण के खिलाफ नारेबाजी की थी। आरोपियों ने एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ नारेबाजी करने के साथ ही वर्ग विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए संविधान की प्रतियां भी फाड़ दी थीं।
 

आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सीआरपीसी की धारा 196 के तहत मंजूरी दी गई है। इस मामले में 10 अगस्त, 2018 को एफआईआर संख्या 75/2018 दर्ज की गई थी। अभियोजन की मंजूरी मिलने से पुलिस को भी इस मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने में सहूलियत होगी।

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अखिल भारतीय भीम सेना के राष्ट्रीय प्रभारी अनिल तंवर की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ संसद मार्ग थाना में मामला दर्ज किया गया था। आरोपियों ने विरोध प्रदर्शन की वीडियो को भी सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। इसमें आरोपियों पर आपसी भाईचारा, शांति और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने और शांति भंग करने के आरोप लगाए थे। इस मामले के अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया था, जो अब जमानत पर बाहर हैं।

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