मणिपुर में हो रही हिंसा का असर इस बार दिल्ली में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह पर पड़ सकता है। मणिपुर में हिंसा फैलाने वाले समारोह के दौरान धरना-प्रदर्शन व अन्य खलल डाल सकते हैं।
मणिपुर में हो रही हिंसा का असर इस बार दिल्ली में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह पर पड़ सकता है। मणिपुर में हिंसा फैलाने वाले तत्व गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान धरना-प्रदर्शन व अन्य खलल डाल सकते हैं। इसके अलावा सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) भी देश की छवि खराब कर सकते हैं। ये मेट्रो व अन्य महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक इमारतों पर देश विरोधी नारे लिख सकते हैं। खुफिया विभाग ने इस तरह के इनपुट दिए हैं। समारोह में ड्रोन व रनिंग वाहन से आतंकी हमला करने के पहले से ही इनपुट मिले हैं।
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खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस तरह के इनपुट खुफिया विभाग ने दिए हैं कि मैतई जाति को जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में मणिपुर में कई महीने से हिंसा हो रही है। हिंसा फैलाने वाले दिल्ली में पहुंचकर गणतंत्र समारोह में खलल डाल सकते है। इसके मद्देनजर दिल्ली पुलिस समेत देश की सुरक्षा एजेंसियां गणतंत्र दिवस समारोह में आने वाले उन सभी व्यक्तियों की चेकिंग करेगी, जो दोनों तरफ की पहनने वाली जैकेट पहनकर आएंगे। मणिपुर के कूकी समाज के लोग आपत्तिजनक सामग्री ला सकते हैं। खुफिया विभाग ने ये भी इनपुट दिए हैं कि एसएफजे भी समारोह में छवि खराब करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि समारोह में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को लाने की अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार ऐसे प्रोटोकॉल के तहत ही है, ऐसा इसलिए किया जाता है कि बच्चे के रोने की आवाज समारोह में खलल डाल सकती है।