इस समय पूरी दुनिया कोरोना से लड़ रही है। हर व्यक्ति इस महामारी से बचने और लड़ने की अपने-अपने स्तर पर कोशिश कर रहा है। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो खुद को बचाते हुए कुछ ऐसे जतन कर रहे हैं ताकि समाज के अन्य तबकों को भी उसका लाभ मिले।
20 साल के छात्र उदित कक्कड़ जो काम कर रहे हैं वह उन्हें भी कोरोना योद्धाओं की श्रेणी में ले आता है। दरअसल, वे अपने ही घर पर फेस शील्ड तैयार कर रहे हैं। ये फेस शील्ड वे 3डी प्रिंटर की मदद से स्वास्थ्य सेवा में जुटे लोगों के लिए बना रहे हैँ।
समाचार एजेंसी एएनआई को उदित ने बताया कि उनकी मां पेशे से डॉक्टर हैं। उन्हे अस्पताल में इन फेस शील्ड की जरूरत थी। लिहाजा जितनी संभव हो सके वो शील्ड बना रहे हैं।
जानकारी के अनुसार एक शील्ड के बनने में एक से डेढ़ घंटे का समय लगता है। उदित एक दिन में 20 से 25 फेस शील्ड बना लेते हैं। उदित का कहना है कि उन्हे शील्ड बनाने के लिए दिल्ली की प्रयोगशालों और कुछ डॉक्टर्स से छह अनुबंध भी हासिल हो गए हैं।