ग्रेटर नोएडा स्थित रावण के गांव बिसरख में न तो रामलीला होती है और न ही रावण का दहन किया जाता है, बल्कि रामलीला देखने और दहन के लिए यहां के निवासी 10 किलोमीटर दूर नोएडा स्टेडियम में आते हैं।
गांव के मुख्य द्वार से कुछ दूरी पर एक मंदिर का निर्माण किया गया है। इसमें 11 अगस्त को रावण की 10 सिर और 20 भुजाओं वाली मूर्ति स्थापित की जाएगी। यह मूर्ति मंदिर में काफी समय से लाकर रख दी गई थी।
रावण की मूर्ति पहले 15 जुलाई को स्थापित की जानी थी। मंदिर का काम देर से पूरा होने पर अब ये मूर्ति 11 अगस्त को स्थापित की जाएगी। मंदिर के आचार्य ने बताया कि मूर्ति की स्थापना के लिए तैयारियां शुरू होने वाली हैं।
रावण का मंदिर
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स्थापना के दौरान श्रीलंका के प्रसिद्ध लोग भी मौजूद होंगे। महंत योगी आदित्यनाथ के भी आने की संभावना है। मंदिर से कुछ दूरी पर शिव मंदिर मौजूद है। रावण के मंदिर में कोई प्रतिमा या चित्र नहीं है जिससे लोगों ने यहां रावण की प्रतिमा स्थापित करने के लिए मंदिर का निर्माण कराया है, लेकिन अभी तक यह प्रतिमा स्थापित नहीं हो पाई है।
दो मंदिर के पुजारियों के आपसी विवाद के चलते एक दशक से रावण की प्रतिमा स्थापित होने की बाट जोह रही थी। वहीं, प्राचीन मंदिर अभी भी उपेक्षा का शिकार है। मान्यता है कि रावण के पिता मुनि विश्वेश्वर ने यहीं पर तपस्या की थी। उन्हीं के नाम से गांव का नाम बिसरख पड़ा। रावण का जन्म भी बिसरख में ही हुआ था।
मंदिर का काम काफी समय से चल रहा था। मई के अंत में काम समाप्त हो जाना था और जुलाई में मूर्ति की स्थापना की जानी थी, लेकिन मंदिर का काम अब खत्म हुआ है। ऐसे में मूर्ति की स्थापना 11 अगस्त को सुबह 11 बजे की जाएगी।
- आचार्य आशोकानंद महाराज (बिसरख धाम)