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सावधान! बैंक खाते से पैसे ठगने का निकाला नया तरीका...

Mon, 27 Nov 2017 10:32 AM IST
मनोज कुमार/अमर उजाला, नोएडा
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बदमाशों ने बैंक खातों से रुपये उड़ाने का ट्रेंड बदल दिया है। अब वह न तो डेबिट और क्रेडिट कार्ड का नंबर पूछ रहे हैं और न ही पिन। अब वह लोगों को बैंक खाता आधार से लिंक कराने के नाम पर फोन कर रहे हैं और आगे की प्रक्रिया पूरी होते-होते पैसा निकाल लेते हैं। 
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वारदात एक
सेक्टर-22 निवासी प्रमोद कुमार एक निजी कंपनी में काम करते हैं। पिछले बुधवार को उनके पास एक फोन आया। बैंक अधिकारी बनकर ठगों ने उनके आधार कार्ड की जानकारी हासिल करके खाते से 35 हजार रुपये निकाल लिए। तथाकथित बैंक अधिकारी ने किसी को भी खाते और डेबिट कार्ड की जानकारी देने से मना किया था।

वारदात दो
सेक्टर-36 ग्रेटर नोएडा निवासी विजय बहादुर सिंह सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उनके पास शनिवार को उन्हीं के बैंक का अधिकारी बनकर फोन किया गया। ठगों ने फोन पर उन्हें सलाह दी कि वह किसी को भी खाते और एटीएम कार्ड संबंधित जानकारी न दें। उन्हें केवल आधार कार्ड की जानकारी दे दें और फोन पर एक ओटीपी आएगा, उसे बता देना। अध्यापक ने ओटीपी दिया तो खाते से 67 हजार रुपये निकाल लिए गए।
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वारदात तीन
बिशनपुरा निवासी राघवेंद्र सिंह के पास बैंक से एक फोन आया कि आपसे कोई खाते या कार्ड के बारे में जानकारी मांगे तो बिलकुल न दें। इन दिनों कुछ साइबर अपराधी खाते से रुपये निकाल ले रहे हैं, इसलिए सर्तक रहें। बैंक की ओर से कोई भी खाते की जानकारी के लिए फोन नहीं करेगा। बाद में फोन करने वाले ने आधार कार्ड को खाते से लिंक करने की बात कही और कुछ देर बाद मोबाइल पर आया ओटीपी ले लिया। इससे आधार कार्ड की पूरी जानकारी हासिल करके खाते से 70 हजार रुपये निकाल लिए।

इस तरह होता है फ्रॉड

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गिरोह के सदस्य फोन पर लोगों को बताते हैं कि बैंक से उनके खाते और एटीएम कार्ड संबंधित जानकारी के लिए कोई फोन नहीं आता है इसलिए सावधान रहें और इनकी जानकारी न दें।

वह स्वयं आधार कार्ड की डिटेल मांगते हैं तो लोग उन्हें बैैंक का प्रतिनिधि समझकर जानकारी दे देते हैं। साइबर अपराधी लोगों से आधार कार्ड खाते से लिंक करने के नाम पर मोबाइल पर आया ओटीपी पूछ लेते हैं और इसके बाद खाते, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड में जो चाहे कर सकते हैं।

कुछ लोग आधार कार्ड खाते से लिंक कराने के नाम पर ठगी कर रहे हैं। ये लोगों के मोबाइल पर आया ओटीपी ले लेते हैं और फिर बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड आदि को खुद ऑपरेट करते हैं। इसके बाद खाते में जो चाहे कर सकते हैं। इसलिए लोगों को आधार कार्ड, बैंक खाता और क्रेडिट कार्ड आदि के बारे में आए ओटीपी को किसी को भी नहीं देना चाहिए। विशेष बात यह है कि कोई भी व्यक्ति या बैंक आधार कार्ड या खाते की जानकारी नहीं मांगता है। यह साइबर अपराधियों द्वारा ही किया जाता है। अगर आधार को बैंक खाते से लिंक कराना है तो स्वयं ही बैंक जाकर कराएं या ऑनलाइन बैंकिंग से भी यह प्रक्रिया कर सकते हैं। - विवेक रंजन राय प्रभारी, साइबर सेल नोएडा
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धोखाधड़ी से बचने के कुछ सुझाव

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- बैंक और आरबीआई के नाम पर कोई व्यक्ति फोन करें तो उसे कोई जानकारी नहीं देनी है।
- आरबीआई और बैंक की ओर से कभी भी कोई फोन नहीं किया जाता। इसके लिए बैंकों में भी सूचना चस्पा होती है।
- आधार लिंक कराने या अन्य कार्य कराने के नाम पर ओटीपी कभी न दें।
- कोई इस तरह का फोन करेें तो बात करने से बचें।
- कोई बैंक खाते या एटीएम पिन संबंधी जानकारी मांगें तो समझ जाएं कि वह कोई धोखेबाज है।
- अपना काम स्वयं करें, किसी अन्य को पिन नंबर या ओटीपी न बताएं।
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