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दिल्ली सरकार ने कहाः अभी आरोप-प्रत्यारोप का वक्त नहीं, एकजुट होकर कोरोना से लड़ने का है

Fri, 12 Jun 2020 04:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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अरविंद केजरीवाल - फोटो : एएनआई
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दिल्ली की तीनों एमसीडी की तरफ से बृहस्पतिवार को कोविड-19 की मौतों से जुड़े आंकड़े पर दिल्ली सरकार की प्रतिक्रिया बेहद संजीदा है। सरकार का कहना है कि मौजूदा वक्त में आरोप-प्रत्यारोप लगाने की जगह सबको एकजुट होकर महामारी से लड़ना है। 

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कोशिश यही है कि कोरोना से एक भी मौत न होने पाए। दिल्ली में कोरोना वायरस से हुई मौतों का आकलन विशेषज्ञ कमेटी कर रही है। उधर, एमसीडी की तरफ से आंकड़े आने के बाद दिल्ली के लिहाज से बेहद संवेदनशील इस मसले पर आम आदमी पार्टी व उसके वरिष्ठ नेताओं ने कोई बयानवाजी नहीं की। इसकी जगह बृहस्पतिवार शाम को दिल्ली सरकार ने मीडिया में बयान जारी किया। 

सरकार की तरफ से कहा गया है कि कोरोना से होने वाली मौतों का आकलन के लिए दिल्ली सरकार ने वरिष्ठ चिकित्सकों की एक डेथ ऑडिट कमेटी बनाई है। यह निष्पक्ष तरीके से अपना काम भी कर रही है।
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दिल्ली हाईकोर्ट ने कमेटी को सही ठहराते हुए कहा है कि कमेटी के काम करने के तरीके पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। दिल्ली सरकार के मुताबिक, कोरोना से किसी की भी मौत नहीं होनी चाहिए। 

सबको एकजुट होकर लोगों की जान बचानी है। यह वक्त आरोप-प्रत्यारोप का नहीं है, सबो मिलकर महामारी से लडने और यह सुनिश्चत करने का है कि कोरोना से दिल्ली में एक भी मौत ना हो। गौरतलब है कि दिल्ली में कोरोना वायरस से होने वाली मौतों पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। इस तरह के आरोपों से बचने के लिए दिल्ली सरकार ने विशेषज्ञों की डेथ ऑडिट कमेटी का गठन किया था। 

बावजूद इसके आरेप-प्रत्यारोप नहीं थम रहे थे। दिल्ली हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर कर कमेटी को भंग करने की गुजारिश की गई थी। लेकिन अदालत ने इससे इंकार करते हुए कहा था कि सारे आरोप अनुमान पर आधारित हैं।

अदालत ने कहा था कि कमेटी अपने काम में दक्ष है। वह सरकार के दिशा-निर्देशों पर काम कर रही है। उसके आंकड़ों में भी कोई गड़बड़ी नहीं दिख रही। लिहाजा कमेटी भंग नहीं की जा सकती।

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