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भाई का इलाज कराने आया ये विदेशी क्यों दोबारा नहीं आना चाहता भारत, बोली ये दर्दभरी बात

Fri, 19 Jul 2019 03:25 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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इराकी शख्स से हुई लूट - फोटो : अमर उजाला
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मैंने सुना था कि भारत के लोग बहुत अच्छे, कुशल व्यवहार वाले और दूसरों के दुख दर्द को समझने वाले होते हैं। मैंने ये भी सुना था कि यहां विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती हैं और लोगों का सस्ता इलाज भी हो जाता है।

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भारत के बारे में ये सब बातें सुनने के बाद मुझे लगा था कि मेरी मुश्किल का समाधान हो जाएगा। इसलिए मैं अपना घर गिरवी रख कर तमाम लोगों व सोशल मीडिया साइट्स से चंदा लेकर अपने भाई का लीवर प्रत्यारोपण कराने आया था लेकिन सब खत्म हो गया, बर्बाद हो गया।

यह कहना है इराक से अपने भाई के लीवर का प्रत्यारोपण कराने आए फारिश सबीब तलब का। गौरतलब है कि जेपी अस्पताल के पास कार सवार बदमाशों ने पुलिस बनकर इराकी नागरिक फारिश से बुधवार देर शाम 30 हजार डॉलर (करीब 20 लाख रुपये) लूट लिए। पीड़ित अपने भाई-बहनों के साथ छोटे भाई अदनान का लिवर ट्रांसप्लांट कराने नोएडा के सेक्टर-128 स्थित जेपी अस्पताल आए हैं।
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फारिश का कहना है कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन उनकी कोई मदद नहीं कर रहा है। उन्होंने ये भी बताया कि अस्पताल प्रबंधन बिना पैसे जमा किए लीवर प्रत्यारोपण से इंकार कर रहा है। मेरा भाई इस वक्त संघर्ष कर रहा है और हमें बिना इलाज के लौटना पड़ जाएगा। हम अब कभी भारत नहीं आएंगे।

सावधान: अस्पतालों के बाहर विदेशियों को लूटने वाला गिरोह सक्रिय

एसपी सिटी विनीत जायसवाल ने बताया कि फारिश अपने भाई समून और बहन फातिमा के साथ अस्पताल के पास सिगरेट पी रहे थे। तभी वहां पहुंचे कार सवार तीन बदमाशों ने खुद को पुलिस वाला बताते हुए उससे कहा कि तुम हशीश (नशीला पदार्थ) पी रहे हो, तुम्हारी तलाशी लेनी है। उसने विरोध किया तो बदमाशों ने मारपीट शुरू कर दी।

बदमाश उसके पर्स में रखे 30 हजार डॉलर लूटकर फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस को जब इराकी नागरिक की भाषा समझ में नहीं आई तो दुभाषिए की मदद ली गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सावधान: अस्पतालों के बाहर विदेशियों को लूटने वाला गिरोह सक्रिय
एनसीआर में बड़े अस्पतालों के बाहर विदेशी नागरिकों से लूटपाट करने वाले गिरोह सक्रिय हैं और नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम आदि शहरों में लगातार घटनाएं कर रहे हैं। बुधवार शाम को नोएडा के सेक्टर-128 स्थित जेपी अस्पताल के सामने इराकी नागरिक से हुई 30 हजार डॉलर की लूट के कुछ दिन पहले गुरुग्राम व दिल्ली में भी इस तरह की घटना हुई थी। पुलिस आशंका जता रही है कि एक ही गिरोह के बदमाश इस तरह की वारदात को अंजाम दे रहे हैं।

एनसीआर में चालीस से अधिक ऐसे बड़े प्राइवेट अस्पताल हैं जहां विदेशी नागरिक गंभीर बीमारियाें का इलाज कराने आते हैं। खासकर ईरान, इराक, अफगानिस्तान से लेकर अफ्रीकी नागरिक तक यहां ज्यादातर आतेे हैं। कम खर्च पर अच्छे इलाज के कारण हाल के वर्षों में विदेशी मरीजों की संख्या बढ़ी है।

ऐसे में बदमाश भी विदेशी मरीज व उनके तीमारदारों से लूट करने लगे। एसपी सिटी विनीत जायसवाल का कहना है कि नोएडा से पहले गुरुग्राम, दिल्ली में इस तरह की कई घटनाएं हुई हैं। दोनाें शहराें की पुलिस से इस बारे में बात चल रही है। यह एक ही गिरोह है जो इस तरह की घटनाएं कर रहा है। लखनऊ व कानपुर में भी इस तरह की घटनाएं हुई है। वहां की पुलिस से भी हमलोग संपर्क में हैं।
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पहले करते थे टप्पेबाजी, अब लूट

एसपी सिटी ने बताया कि पहले अस्पतालों के बाहर विदेशी नागरिकों के साथ बदमाश टप्पेबाजी करते थे। बदमाश इधर-इधर की बात कहकर, झांसा देकर उनका सामान व करेंसी लेकर चले जाते थे, लेकिन हाल के दिनों में यह चलन बदला है। अब बदमाश हार्डकोर तरीके से लूट की वारदात को अंजाम देते हैं।

कई दिनों तक करते हैं रेकी
प्राथमिक जांच में पता चला है कि गिरोह के बदमाश अस्पताल के अंदर व बाहर कई दिनों तक रेकी करते हैं। पहले यह पता लगाते हैं कि गंभीर रूप से कितने विदेशी भर्ती हैं। इसके बाद उनके तीमारदारों के रूटीन का पता करते हैं और मौका मिलते ही लूट की वारदात को अंजाम देते हैं।

लूट करने वालों का नहीं लगा सुराग
बुधवार शाम को सफेद वैगनआर सवार बदमाशों ने इराकी नागरिक फारिश सबीब तलब से से 30 हजार डॉलर लूट लिए थे। उस वक्त फारिश भाई व बहन के साथ सेक्टर-128 स्थित जेपी अस्पताल के बाहर सिगरेट पी रहा था। फारिश के भाई अदनान अस्पताल में भर्ती हैं और लीवर ट्रांसप्लांट होना है। लूट के बाद बदमाश भाग गए। कई सीसीटीवी फुटेज की जांच हो रही है, लेकिन अब तक बदमाशों का सुराग नहीं गला है।

अस्पतालों के बाहर विदेशी नागरिकों से लूट करने वाले गिरोह पर नजर है। पुलिस की टीम इस गिरोह के पीछे लगी हुई है। जल्द ही इस नेटवर्क का खुलासा होगा।- विनीत जायसवाल, एसपी सिटी
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