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सट्टा, शराब व अवैध करोबार का कॉकटेल है गैंगवार

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अर्जुन नगर कैंप और उसके आसपास फैले सट्टा, शराब और अवैध कारोबार का कॉकटेल ही गैंगवार का कारण है। अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए दो गैंगेस्टरों के बीच जंग और तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि जिस गद्दी को हथियाने के लिए संदीप गडौली लगातार कोशिश कर रहा है, उसे बिंदर गूजर ने लाशों का ढेर लगा हासिल किया है।
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इसी क्षेत्र पर अपना रुतबा कायम रखने के लिए ही गैंगवार हो रहा है।  इसी के चलते अर्जुन नगर कॉलोनी में रहने वाले रज्जे से लेकर उसकी पत्नी संगीता रज्जे, उल्लास गैंग से जुड़े लोग यूपी के जग्गू पहलवान को सुपारी देकर दो भाइयों की हत्या करायी गई।

बिंदर गूजर बहुत से मामलों में बरी हो गया या अदालत में मामला चल रहा है। वह पार्षद बनने के बाद अब शराब के कारोबार से जुड़ गया है। जिस जगह पर वह बैठा है वहां पर संदीप गडौली अपना राज चाहता है।
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बिंदर का आरोप है कि उसकी मुखबिरी मनीष खुराना करता है। हाल में एक बुकी से 20 लाख रुपया संदीप ने लिया था। जो बात बिंदर को नागवार लगी थी। शराब के अवैध करोबार , जमीन पर कब्जा करने से लेकर अन्य विवादों के लेकर झगड़ा है।
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संदीप गडौली को पुलिस की तलाश

संदीप गडौली को पुलिस की तलाश है। हत्या व फिरौती के साथ रंगदारी वसूलने के मामले में पुलिस को उसकी तलाश है। अदालत से भगौड़ा घोषित होने के साथ पुलिस ने उस पर ईनाम घोषित कर रखा है।

गुड़गांव-महरौली रोड पर दो माह पहले हयातपुर के रहने वाले गैंगेस्टर राकेश यादव पर हुए जानलेवा हमले के आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस ने वारदात का खुलासा तो कर दिया मगर उसके शूटर व साजिश रचने वाले फरार चल रहे हैं।

सिटी थाना पुलिस ने जैसे ही अशोक के शव की पहचान की। उसके तुरंत बाद एसीपी सिटी की ओर से मनीष खुराना को उठाने के लिए सीआईए 10 की टीम उसके घर पहुंची। पुलिस की टीम सायरन बजाकर उसके घर पहुंच रही थी।

सामने गोली की आवाज आ रही थी। पुलिस का सायरन सुनकर दुर्गेश और मनोज वहां से निकलने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने उनको मौके पर ही दबोच लिया।

15 दिन पहले पार्षद पर दर्ज हुआ था मामला

अर्जुन नगर कॉलोनी में रहने वाला मनीष खुराना गैंगेस्टर संदीप गडौली का सबसे करीबी माना जाता है। जिसके बयान पर सिटी थाना पुलिस 15 दिन पहले पार्षद पर अपहरण व जानलेवा हमला का  मामला दर्ज हुआ था।

अर्जुन नगर कालोनी में रहने वाला मनीष कारोबार से जुड़ा हुआ है। भिवाड़ी में इसकी फैक्ट्री है। चार साल पहले बिंदर गूजर के सामने चुनाव लड़ा था। तीसरे नंबर पर था। 15 दिन पहले सिटी थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बिंदर गूजर ने उसका अपहरण कर जानलेवा हमला किया था। बयान पर पुलिस ने पार्षद के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

मामला दर्ज होने के बाद पार्षद बिंदर गूजर ने पुलिस आयुक्त नवदीप सिंह विर्क से मुलाकात करके अपने आप को निर्दोष बताया था। उसने बताया था कि इसके पीछे गैंगेस्टर संदीप गढ़ौली का हाथ है। पुलिस दोनों को बुला कर आमने-सामने कर ले।

अगर उसके घर के सामने गोली चली है तो गोली चलाने वाला भी कोई होगा। पुलिस को वारदात का खुलासा करना चाहिए। इसके साथ ही बिंदर ने मनीष की इस बात का खंडन किया था कि वह उसके खिलाफ चुनाव लड़ना चाहता है इसके लिए परेशान कर रहा है। मनीष का कोई जनाधार ही नहीं है।
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दिल्ली से मूवी देख कर लौटने के बाद हुई हत्या

बिंदर गूजर के लिए चालक की हत्या अधिक परेशानी का विषय नहीं है। वह और पुलिस ज्यादा परेशान इसलिए है कि इतनी जबर्दस्त रेकी कैसे हुई। बता दें कि बिंदर कार बदल कर चलना और ऐन मौके पर अपना रास्ता बदलने जैसी सावधानी बरतता है।

पांच साल पहले उस पर उल्लावास गैंग ने जानलेवा हमला किया था। जिसमें पांच गोली लगने के बाद भी बच गया। एक गोली अभी भी उसकी कमर के पास है। बिंदर गूजर शनिवार की शाम को दुर्गेश उर्फ बाली के साथ मूवी देखने के लिए निकला था। मूवी गुड़गांव में न देखकर आखिरी मौके पर कनॉट प्लेस में देखने का फैसला हुआ।

उसके बाद रात दो बजे वापसी हुई। सबसे पहले अशोक ने दुर्गेश को उसके घर पर उतारा। बाद में बिंदर को उतारने के बाद वह स्विफ्ट कार से वापस अपने घर जा रहा था। इस दौरान घात लगा कर बैठे बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। बिंदर गूजर के घर से कुछ दूरी पर ही पार्क के पास कार में उसकी लास मिली। पुलिस व बिंदर के लिए परेशानी का विषय यह बना हुआ है कि शूटरों के पास इतनी सही सूचना कैसे थी।
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