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9 करोड़ का यह भैसा रोज डेढ़ घंटे करता है मॉर्निंग वॉक, खुराक पर रोजाना खर्च होता है रु.2500

Mon, 20 Mar 2017 10:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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फरीदाबाद के कृषि नेतृत्व शिखर सम्मेलन में आया भैसा युवराज। - फोटो : अमर उजाला
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फरीदाबाद में चल रहे कृषि नेतृत्व शिखर सम्मेलन में 30 करोड़ का एक भैसा भी आया है जिसका नाम है युवराज। युवराज अपनी फिटनेस के लिए रोज डेढ़ घंटे मॉर्निंग वॉक करता है। रोजाना खुराक पर ढाई हजार रुपये खर्च किए जाते हैं। 
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कृषि नेतृत्व शिखर सम्मेलन में दूसरी बार आए 9 करोड़ के भैंसें युवराज के सामने नेताओं का आकर्षण भी फीका पड़ गया है। युवराज को देखने के लिए लोग उमड़ पड़े। कुरुक्षेत्र से आए युवराज के मालिक का दावा है कि युवराज की कीमत 30 करोड़ लगाई गई।

इसे देखने के लिए लोग लाइन लगाकर खड़े थे। सूरजकुंड की वादियों में चल रहे तीन दिवसीय द्वितीय कृषि नेतृत्व शिखर सम्मेलन में प्रदेश के किसान अपने-अपने पशु लेकर पहुंच रहे हैं। शनिवार को जब दर्शकों को युवराज के आने की सूचना मिली तो बच्चों से लेकर पुरुष और महिलाएं उसे देखने चल पड़े। 
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इसलिए रखा इस भैसे का नाम युवराज

इस सम्मेलन में भैसा युवराज का बेटा सम्राट भी आया है।
दस साल का युवराज नौ बार देश के विभिन्न राज्यों की प्रदर्शनियों में चैंपियन घोषित किया जा चुका हैं। मुर्राह नस्ल का युवराज ही नहीं युवराज की मां गंगा (भैंस) भी सबसे अलग है।

वह भी साढ़े 26 लीटर दूध देकर एक रिकॉर्ड बना चुकी है। कर्मवीर ने बताया एग्जीबिशन में युवराज के भाई भीम, बहन सरस्वती को भी लाया गया है। ये भी युवराज की तरह एक दिन हरियाणा का नाम रोशन करेंगे। 
 

मुर्राह नस्ल के झोंटे का नाम युवराज मालिक कर्मवीर ऐसे ही नहीं रखा गया था। उन्होंने बताया कि 2007 में जब क्रिकेटर युवराज ने इंग्लैंड के खिलाफ एक ओवर में छह छक्के लगाए थे। उसी दौरान इसका जन्म हुआ था। युवराज के इस कारनामे पर ही इस भैंसें का नाम युवराज रखा गया था।

ये है युवराज की खुराक
कर्मबीर ने बताया कि युवराज रोजाना 20 लीटर दूध चार किलोग्राम सेब, चार किलोग्राम दाना खाता है। वह किसी भी वीआईपी से कम नहीं है। उसकी सेहत के लिए उसे डेढ़ घंटे तक रोजाना सैर कराई जाती है। उसकी खुराक व देखरेख में रोजाना 2500 रुपए खर्च किए जाते हैं। उसका पिता योगराज भी कई बार राष्ट्रीय चैंपियन रहा है। 
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