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दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम का प्लान तैयार: थर्ड पार्टी करेगी PUC निगरानी, वाहन संख्या घटाएगा कार-पूलिंग एप

Thu, 18 Dec 2025 12:38 AM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने बनाया नया प्लान। गड्ढों की डिजिटल मॉनिटरिंग कराई जाएगी। इसके अलावा कल से जिन वाहनों के पास वैध पीयूसी नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा। निर्माण सामग्री लेकर आने वाले ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगाई गई है।
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पीयूसी जांच करते दिल्ली ट्रैफिक पुलिस कर्मी - फोटो : ani
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विस्तार
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प्रदूषण अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट यानी पीयूसीसी सिस्टम की थर्ड पार्टी एजेंसी निगरानी करेगी। दिल्ली सरकार को उम्मीद है कि इससे जांच में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होगी। वाहनों की भीड़ कम करने के लिए सरकार जल्द ही एक कार-पूलिंग एप लेकर आ रही है।

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सड़कों की बेहतर सफाई और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए स्मार्ट सिस्टम तैयार किया जा रहा है। बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली सरकार कार-पूलिंग को बढ़ावा देने के लिए एक आसान और यूजर फ्रेंडली ऐप विकसित कर रही है। इसका मकसद निजी वाहनों की संख्या कम करना और सड़कों पर ट्रैफिक दबाव घटाना है। 

इसके साथ ही शहर में गड्ढों की निगरानी के लिए भी थर्ड पार्टी एजेंसी नियुक्त की जा रही है। एजेंसी सालभर सर्वे करेगी, पूरे शहर में घूमकर गड्ढों की पहचान करेगी, फोटो लेगी और डेटा संबंधित विभागों को देगी। इसके लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने टेंडर जारी कर दिया है। ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए सरकार ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम तैयार कर रही है। मंत्री ने कहा कि अभी जाम के दौरान भी सिग्नल तय समय तक लाल रहता है, जिससे हालात और बिगड़ते हैं। नई व्यवस्था में जाम की स्थिति के मुताबिक सिग्नल का समय बदला जा सकेगा।

गूगल मैप्स के साथ सरकार करेगी काम
सरकार गूगल मैप्स के साथ मिलकर ट्रैफिक और वाहन प्रदूषण के हॉटस्पॉट चिन्हित करेगी। मंत्री ने कहा कि पहले 13 हॉटस्पॉट थे, जो अब बढ़कर 62 हो गए हैं। लक्ष्य है कि 100 ऐसे हॉटस्पॉट चिन्हित कर वहां खास कदम उठाए जाएं। दिल्ली में प्रदूषण के चार मुख्य स्रोत वाहन, उद्योग, धूल और कचरा हैं। सड़कों की सफाई के लिए एमसीडी को अगले 10 साल में 2700 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके तहत मैकेनिकल रोड स्वीपर, लिटर पिकर और वॉटर स्प्रिंकलर खरीदे जाएंगे। पीडब्ल्यूडी को 70 रोड स्वीपर और करीब 300 वॉटर स्प्रिंकलर तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।

100 नई इलेक्ट्रिक बसें डीटीसी के फ्लीट में शामिल होंगी
मंत्री ने बताया कि सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर क्षेत्रीय स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण पर भी काम कर रही है। इसके अलावा आईआईटी मद्रास के साथ समझौता किया गया है, ताकि स्मॉग ईटिंग सतहों की पहचान और परीक्षण किया जा सके। लोगों को सार्वजनिक परिवहन की ओर लाने के लिए इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 100 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगी। उन्होंने आम आदमी पार्टी पर कचरा जलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम लागू, सरकार सख्त
राजधानी में 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम लागू है। मंत्री ने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे अपने वाहनों के पीयूसी जरूर बनवाएं। बृहस्पतिवार से जिन वाहनों के पास वैध पीयूसी नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा। निर्माण सामग्री लेकर आने वाले ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगाई गई है। दिल्ली के बाहर से आने वाले लोगों से अपील है कि वे केवल भारत स्टेज-6 (बीएस-6) मानकों वाले वाहन ही राजधानी में लाएं।
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दिल्ली का औसत एक्यूआई बेहद खराब श्रेणी में
बुधवार सुबह दिल्ली की हवा में हल्का सुधार जरूर दर्ज किया गया, लेकिन हालात अब भी चिंताजनक हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक सुबह करीब 8 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 328 रहा, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। मंगलवार शाम 4 बजे एक्यूआई 354 दर्ज किया गया था। शहर के कई इलाकों में जहरीली धुंध बनी रही। आनंद विहार में एक्यूआई 341 रहा, जबकि बावाना 376, आईटीओ 360, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम 324 और नरेला 342 के साथ बेहद खराब स्थिति में रहे। वजीरपुर में एक्यूआई 359 दर्ज किया गया। हालांकि बुराड़ी क्रॉसिंग, आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-3, आईआईटी दिल्ली और मथुरा रोड जैसे कुछ इलाकों में एक्यूआई खराब श्रेणी में रहा, जो अन्य क्षेत्रों की तुलना में थोड़ा बेहतर माना गया।
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