- सीबीएसई के निर्देश, आर-1, आर-2, आर-3 मॉडल के तहत दो भारतीय भाषाएं 1 जुलाई से लागू करना जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से छठी कक्षा में तीसरी भाषा (आर-3) के फॉर्मूले को लागू कर दिया है। इसके तहत बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को ओएसिस पोर्टल पर तीसरी भाषा का विकल्प अपडेट करना अनिवार्य किया है। इसके लिए 31 मई तक की समयसीमा तय की गई है। सीबीएसई की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, कई स्कूलों ने ओएसिस पोर्टल पर अपनी भाषा विकल्पों को अपडेट कर दिया है, लेकिन कुछ स्कूल अभी भी ऐसा नहीं कर पाए हैं या उन्होंने नीति के अनुरूप सही विकल्प नहीं भरे हैं। ऐसे स्कूलों को 31 मई तक अंतिम मौका दिया गया है, ताकि वे अपनी जानकारी सही कर सकें।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी स्कूलों के लिए ओएसिस पोर्टल पर भाषा विकल्प अपडेट करना जरूरी है। यदि किसी स्कूल ने पहले गलत जानकारी दर्ज की है, तो वह भी निर्धारित तिथि तक उसमें संशोधन कर सकता है। सीबीएसई के अनुसार, अनुसूचित भाषाओं के लिए आर-3 की आधिकारिक किताबें 1 जुलाई 2026 से पहले उपलब्ध करा दी जाएंगी। वहीं गैर-अनुसूचित भाषाओं के लिए स्कूलों को एससीईआरटी या राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्य सामग्री का उपयोग करना होगा। इसके अलावा, जिन स्कूलों ने अभी तक आर-1, आर-2 और आर-3 मॉडल के तहत कम से कम दो भारतीय भाषाओं की पढ़ाई शुरू नहीं की है, उन्हें 1 जुलाई 2026 से इसे अनिवार्य रूप से लागू करना होगा। बोर्ड ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देशों का प्राथमिकता के आधार पर पालन करने को कहा है। साथ ही, क्षेत्रीय कार्यालयों को इन निर्देशों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।