ओल्ड फरीदाबाद निवासी टैक्सी चालक राजेंद्र को गैरकानूनी ढंग से बंधक बनाकर थर्ड डिग्री टॉर्चर दिए जाने के मामले में ओल्ड फरीदाबाद थाना पुलिस ने क्राइम ब्रांच में तैनात रहे सिपाही मनोज और अंशुल को गिरफ्तार कर लिया है।
उन्हें अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। मामले में तीसरे आरोपी क्राइम ब्रांच सेक्टर-85 के पूर्व प्रभारी एसआई रविंद्र अभी गिरफ्त से बाहर हैं। तीनों को पुलिस आयुक्त ने 1 नवंबर को निलंबित कर दिया था। पुलिस का कहना है कि एसआई रविंद्र को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ओल्ड फरीदाबाद निवासी राजेंद्र टैक्सी चलाता है। 30 अक्तूबर को सेक्टर-29 बाईपास रोड स्थित शराब ठेके पर बहस होने के बाद चार युवक उसे उठाकर क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 ले गए थे। वहां उसे पता चला कि वे पुलिसकर्मी हैं।
आरोप है कि सभी नशे में धुत थे और उन्होंने उसे लात-घूसों व डंडों से बुरी तरह पीटा। उसकी जांघों और पैरों पर लोहे का भारी बेलन चलाया गया। राजेंद्र ने बताया कि थर्ड डिग्री देने वाले पुलिसकर्मी उसके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करने की बात आपस में कह रहे थे।