काफी कहने के बाद उसने फोन लौटाने की एवज में पांच हजार रुपये की मांग की। फोन पर बातचीत के दौरान युवक ने उन्हें फतेहपुर चंदीला गांव में बुलाया और कहा कि यदि पुलिस या किसी और को साथ लेकर आए तो अच्छा नहीं होगा। जगन्नाथ के अनुसार, वे और उनका मित्र गांव में जाकर उस युवक को चार हजार रुपये देकर वापस लेकर आए।
इसके बाद उन्होंने सेक्टर-21डी चौकी में शिकायत दर्ज करवानी चाही, मगर उन्होंने कहा कि अब फतेहपुर चंदीला गांव का क्षेत्र एनआईटी थाने में चला गया है। वे एनआईटी थाने पहुंचे तो वहां उन्हें उस दिन एएसआई कैलाश ड्यूटी पर मिले।
जगन्नाथ गौतम का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद एएसआई कैलाश ने यह कहते हुए एफआईआर दर्ज करने से इंकार कर दिया कि आप कई दिन बाद आए हैं और अब मामला दर्ज नहीं होगा। जगन्नाथ गौतम ने बताया कि मंगलवार को उन्होंने पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लो से मुलाकात कर शिकायत की।
पूरी बात सुनने के बाद पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को देने और एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की गई, इसकी जांच करवाने के आदेश दिए हैं।
मोबाइल फोन चुराने के आरोपी के से फोन पर हुई बातचीत जगन्नाथ गौतम के फोन में रिकार्ड हो गई। फोन पर बातचीत के दौरान पता चल रहा है कि चोर मोबाइल फोनों का काफी जानकार है। उसने जगन्नाथ गौतम को बताया कि उनका एस-6 फोन है, जिसकी कीमत करीब 30 हजार रुपये है और वह उसे विदेश से लेकर आया है।