ऊंट किस करवट बैठेगा यह तो चुनाव परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा। लेकिन मतदान के दिन यूपी के भईया और पूर्वाचलियों का रूख जिस पार्टी की तरफ गया उस पार्टी के खाते में डेढ़ दर्जन सीट जरूर होगी।
ये वे मतदाता है जो झुग्गी झोपड़ी व अनाधिकृत कॉलोनियों में बड़ी तादाद में है। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियों को ऐसे मतदाताओं को बूथ तक पहुंचाने की खास तैयारी है। झुग्गियों व अनाधिकृत कॉलोनी में उन्हीं के शहर के कार्यकर्ता भी तैनात है।
पहले चुनावी दंगल में पंजाबी, सिख और वैश्य समुदाय का दबदबा रहता था। लेकिन अब जातीय समीकरण बदल गया है। पूर्वाचली मतदाताओं का दबदबा 27 विधानसभा सीट पर तो है ही अगर अकेले पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दिल्ली में रह रहे मतदाताओं की बात करें तो दिल्ली के एक दर्जन से अधिक सीट पर वे बड़ी संख्या में है।
10 से 31 प्रतिशत मतदाता यूपी से
मजे की बात तो यह है कि मुस्लिम बाहुल क्षेत्र मुस्तफाबाद में भी पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों की संख्या सबसे अधिक है। राजनीतिक पार्टियों का सर्वे बताता है कि एक दर्जन से अधिक सीट पर 10 से 31 प्रतिशत यूपी के लोग है।
इनमें ज्यादातर उत्तर प्रदेश के मतदाता पूर्वी दिल्ली विधानसभा में है। आम आदमी पार्टी जहां ज्यादा से ज्यादा सीट पर पूर्वाचल प्रत्याशियों को उतारकर जातीगत आधार पर बढ़त बना रही है तो वहीं भाजपा तीन सीटों पर पूर्वाचल प्रत्याशियों को सीट देकर पीछे है।
अब देखना है कि कौन मतदाताओं को अपने तरफ रिझा पाने में सफल होते है। जेडीयू, त्रिणमूल कांग्रेस व सपा के आप में वोट डालने की अपील के बाद भाजपा खेमें इस वोटर को लेकर असमंजश बनी हुई है।
जानिए कहां कितने प्रतिशत है इनक दखल
यूपी के प्रवासी मतदाताओं का मत प्रतिशत
मुस्तफाबाद-31 प्रतिशत।
संगम विहार-25 प्रतिशत।
नई दिल्ली-21 प्रतिशत।
लक्ष्मीनगर-18 प्रतिशत।
गोकलपुरी-16 प्रतिशत।
तुगलकाबाद, ग्रेटर कैलाश, बदरपुर, त्रिलोकपुरी, बाबरपुर, शहादरा, सीमापुरी, राजेंद्र नगर में 10 प्रतिशत से अधिक उत्तर प्रदेश के प्रवासी मतदाता है।
पूर्वाचली मतदाता
त्रिलोकपुरी-38 प्रतिशत, कोंडली 21 प्रतिशत, लक्ष्मीनगर 31 प्रतिशत, कृष्णानगर 38 प्रतिशत, बुराड़ी 27 प्रतिशत, बादली 26 प्रतिशत, विश्वासनगर 28 प्रतिशत, उत्तमनगर 30 प्रतिशत, मटियाला 20 प्रतिशत, देवली 31 प्रतिशत, अंबेडकर नगर 26 प्रतिशत, संगम विहार 26 प्रतिशत, किराड़ी 29 प्रतिशत, मादीपुर 24 प्रतिशत, करावलनगर 20 प्रतिशत।