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'केजरीवाल में हैं इन दो बड़े नेताओं की कमियां'

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आम आदमी पार्टी के बड़े नेता और अरविंद केजरीवाल के बेहद करीबी माने जाने वाले प्रशांत भूषण जब बोले तो उन्होंने वो बातें सामने ला दीं जो अभी तक छिपी हुई थीं।
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ये बातें अरविंद केजरीवाल के व्यक्तित्व और उनकी काम करने के तरीके से सीधे-सीधे जुड़ी हुई हैं। प्रशांत ने अरविंद केजरीवाल के काम करने के ढंग पर सवाल उठाए।

कठोर शब्दों में प्रशांत ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने ऐसे किसी संगठन में काम नहीं किया है जहां उनकी ना चलती हो या उनके किसी काम पर सवालिया निशान लगाया गया हो।
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'सिर्फ सही नीयत से ही नहीं चलती पार्टी'

प्रशांत भूषण ने कहा कि मैंने केजरीवाल को ये राय दी थी कि वो कोई छोटा मोटा संगठन नहीं बल्कि एक राजनीतिक दल चला रहे हैं जिसमें ऐसे कुछ लोगों को जरूर होना चाहिए जो गलत लगने पर आपके फैसलों पर सवाल उठा सकें।

साथ ही प्रशांत भूषण ने ये भी कहा कि उन सवालों पर पार्टी के अंदर ही लोकतांत्रिक ढंग से फैसले होने चाहिए। हालांकि प्रशांत ने अरविंद केजरीवाल की तारीफ करते हुए कहा कि केजरीवाल के ज्यादातर राजनीतिक फैसले सही होते हैं।

प्रशांत भूषण के अनुसार अरविंद केजरीवाल का मानना हैं कि उनकी नीयत सही है जिस वजह से उन्हें कोई भी फैसला लेने का अधिकार है।
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इंदिरा और मोदी से की केजरीवाल की तुलना

प्रशांत भूषण का ये तल्ख तेवर यहीं खत्म नहीं हुए बल्कि उन्होंने केजरीवाल की तुलना एक तानाशाह से कर दी। उन्होंने कहा कि एक समय में इंदिरा गांधी को भी लगता था कि उन्होंने देश में इमरजेंसी इस वजह से लगाई जिससे लोगों का भला हो सके।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी को भी लगता है कि उन्होंने देश हित में मुसलमानों को सबक सिखाया।

भूषण ने स्पष्ट किया कि महज नीयत साफ होने से सबकुछ सही नहीं हो जाता बल्कि ये भी जरूरी है कि काम किन साधनों और किस ढंग से अंजाम तक ले जा रहे हैं।
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