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लॉकडाउनः इन हाथों को भी काम नहीं ...कोरोना से लड़ें या भूख से

Sat, 28 Mar 2020 06:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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संकट की घड़ी - फोटो : PTI
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लॉकडाउन के बाद पिछले तीन दिनों से लोगों का पैदल ही घर की ओर पलायन जारी है। हालांकि, कुछ जगहों पर पुलिस द्वारा लोगों को बॉर्डर तक छोड़ने के लिए ट्रक की व्यवस्था भी नजर आई। 

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शुक्रवार से उत्तर प्रदेश की सीमा को सील कर दिया गया है, ऐसे में अब दिल्ली से यूपी में प्रवेश करना और भी मुश्किल हो गया है। केवल जरूरी सेवा में लगे वाहनों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। वहीं, लोगों के पलायन पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि किसी को भी दिल्ली से जाने की जरूरत नहीं है। सरकार ने सभी के भोजन के लिए व्यवस्था कर रखी है। ऐसे में लोग धैर्य रख अपने घरों में ही रहें।



राजधानी के विभिन्न इलाकों में इस तरह की तस्वीरें देखी जा सकती हैं जहां लोग सड़कों पर पैदल ही अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। इसमें बड़ी संख्या में वे लोग हैं जो प्रतिदिन मजदूरी कर अपने घर का खर्च चलाते थे। यहां यह लोग किराए पर रहकर गुजर बसर कर रहे थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद इनके आगे रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इस कारण यह लोग अपने-अपने गांव की ओर पैदल ही रुख कर रहे हैं। 
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इसमें कोई हरदोई तो कोई कानपुर, एटा आगरा, भिवानी, दरभंगा व समस्तीपुर का रहने वाला है। लोगों का कहना है कि जब से लॉकडाउन हुआ है तब से खाने की चिंता सता रही है। अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि हालात कब तक सुधरेंगे। गांव पहुंचने के बाद कम से कम रहने और खाने-पीने का संकट तो नहीं रहेगा। 

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