मीडिया या एजेंसियों के सर्वे में भले ही आप व भाजपा का क्रम पहले व दूसरे नंबर पर रोज अदल-बदल रहा हो, लेकिन हकीकत में कड़े मुकाबले के बीच त्रिकोणीय मुकाबले में फंसी करीब डेढ़ दर्जन सीटों का परिणाम तय करेगा कि दिल्ली की गद्दी पर किसका कब्जा होगा।
इन सीटों पर फंसी हार-जीत के बीच डेरा सच्चा सौदा के भाजपा को समर्थन देने तथा मुस्लिम वोटरों का आप के प्रति बढ़ा रुझान तथा ममता, नीतिश का मिला समर्थन मुकाबले को और दिलचस्प बना गया है।
करीब 20 सीटें जिनमें बादली, देवली, किराड़ी, सदर बाजार, मटियाला, उत्तम नगर, मुंडका, मटिया महल, पालम, महरौली, लक्ष्मी नगर, कालकाजी, राजौरी गार्डन, कोंडली, सीमापुरी, रोहतास नगर, करावल नगर, सुल्तानपुर माजरा, ओखला, अंबेडकर नगर ऐसी मानी जा रही हैं जहां पर ऊंट जिस करवट पर बैठेगा उसी दल को सत्ता हासिल होगी।