ग्रीनपीस इंडिया के कैंपेनर सुनील दहिया ने बताया कि थर्मल पावर प्लांट के लिए उत्सर्जन मानकों को लागू करना पिछले कुछ दशक से लटका हुआ है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उर्जा मंत्रालय और कोयला पावर कंपनी इन मानकों को लागू करने से बच रही है और गलत तकनीकी आधार का सहारा ले रही है।
उन्हें समझना चाहिए कि भारत में वायु प्रदूषण की वजह से लोगों का स्वास्थ्य संकट में है और थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाला उत्सर्जन इसकी बड़ी वजहों में से एक है। भारत को तत्काल उत्सर्जन मानकों को पूरा करने और नए कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को रोककर अक्षय ऊर्जा की तरफ बढ़ने की जरूरत है।
थर्मल पावर प्लांट तत्काल पूरें करें उत्सर्जन मानक
ग्रीनपीस इंडिया ने मांग की है कि पर्यावरण मंत्रालय जल्द से जल्द थर्मल पॉवर प्लांट को प्रदूषण के लिए उत्तरदायी बनाए। वहीं, सारे थर्मल पॉवर प्लांट को तत्काल उत्सर्जन मानकों को हासिल करना चाहिए और अक्षय ऊर्जा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नए थर्मल पॉवर प्लांट बनाने से रोकना चाहिए। इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इससे जुड़े कदम को सार्वजनिक मंच पर लोगों के लिए उपलब्ध भी करवाना चाहिए।