एनसीआर आटो का फायदा रोजाना करीब डेढ़ लाख लोगों को मिलेगा। इनसे दिल्ली के सभी क्षेत्रों के नागरिक लाभान्वित होंगे, लेकिन जनपद में केवल महानगर के लोगों को ही फायदा मिलेगा। परिवहन विभाग के एक आदेश के चलते जनपद के ग्रामीण और कस्बे क्षेत्रों के लोग इस सुविधा वंचित रह जाएंगे।
एनसीआर आटो का इंतजार कई साल से था। इसके लिए दिल्ली, यूपी व हरियाणा के परिवहन अफसरों और सचिवों की कई बार बैठकें हुईं।
एनसीआर और दिल्ली हरियाणा के सफर को आसान बनाने वाली इस स्कीम में यूपी ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट का एक आदेश ही आड़े आ गया है। इससे हजारों लोग इस सुविधा से वंचित रह जाएंगे।
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने आटो के लिए गाइडलाइन 1988 में बनाई थीं। उस समय एनसीआर आटो की कल्पना नहीं की गई थी। ऐसे में गाइडलाइन केवल सिटी आटो के लिए थीं।
इसके चलते आटो का संचालन स्टार्ट प्वाइंट से नगर निकाय क्षेत्र या 16 किमी के दायरे में चलाने का नियम बनाया गया था।
एनसीआर आटो को यूपी से दिल्ली व हरियाणा तक चलाने की सहमति बनी है। इसके बावजूद ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में उक्त नियम में संशोधन नहीं किया है।
ऐसे में आटो को संचालन केंद्र से मात्र 16 किमी की दूरी तक चलाया जा सकता है। इसी नियम के कारण एनसीआर आटो के संचालन से हजारों लोग वंचित रह जाएंगे।
इसी नियम के कारण फिलहाल हरियाणा के लिए एनसीआर आटो के परमिट जारी नहीं किए जा रहे हैं। एनसीआर आटो को महानगर के अलावा किसी अन्य कस्बे, शहर या गांव तक नहीं चलाया जा सकेगा।
ऐसे में मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी आदि क्षेत्र के लोगों को इसका फायदा नहीं होगा। उनको दिल्ली जाने के लिए पहले सिटी आटो से एनसीआर आटो तक आना होगा।