साइबर सिटी के महिला थाने में चाइल्ड फ्रेंडली स्पेस बनाया जाएगा। बच्चों के लिए यहां अलग से स्पेस तैयार होगा, जिसमें उनके लिए खेलने, पढ़ने और आराम करने की सुविधा उपलब्ध होगी।
ताकि यौन शोषित बच्चों से घरेलू व फ्रें डली माहौल में बात करके अधिक जानकारी जुटाई जा सके। अभी तक पुलिस को वर्दी में देखकर बच्चों को कुछ दहशत रहती है, इस स्पेस के बनने से उन्हें यह जगह अधिक फ्रेंडली लगेगी।
यह प्रदेश का पहला थाना होगा, जहां बच्चों को पुलिस थाने में इस तरह का माहौल देने की तैयारी की जा रही है। कई बार देखने में आया है कि अपराध का शिकार हुए बच्चे पुलिस थाने की चौखट पर जाने से भी सहम जाते हैं।
बच्चे अपने साथ हुए अपराध या यौन शोषण की घटना से इतने सहमे हुए होते हैं कि वह पुलिस के सामने अपना दर्द बयां करते हुए भी डरते हैं और पूरी बात पुलिस को पता नहीं चल पाती। ऐसे में कई बार अपराधी को इसका फायदा मिल जाता है।
विभिन्न मामलों या यौन अपराधों के मामलों में जब शोषित बच्चों को पुलिस थाने में लाया जाता है तो वह वर्दी में पुलिसकर्मी को देखकर और सहम जाते हैं।
पूरी तरह से पुलिस के सामने वह खुलकर अपनी बात कहने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाते। इसी को ध्यान में रखकर गुड़गांव पुलिस ने महिला थाने में एक ऐसा स्पेस तैयार करने की योजना बनाई है जहां शोषित बच्चे आराम से खुलकर अपनी बात पुलिसकर्मियों के सामने रख सकें।
इसके अलावा महिला थाने में पारिवारिक झगड़ों को लेकर आने वाली महिलाओं के साथ भी बच्चे होते हैं, जोकि उनके साथ ही रहते हैं, लेकिन अब इन बच्चों को भी यहां अलग से माहौल मिलेगा।
महिला थाने में एयरकंडीशंड बड़ा कमरा तैयार किया जा रहा है। जिसमें बच्चों के लिए खिलौने होंगे और पढ़ने के लिए किताबें भी होगी।