दिल्ली के रायन इंटर नेशनल स्कूल हुई घटना के बाद प्रश्न उठ रहा है महानगर के स्कूल कितने सुरक्षित है। छुट्टी होने के बाद बच्चों का रेला सड़कों पर उतर आता है।
वहीं सड़कों पर हैवी ट्रैफिक के कारण दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है। इस लापरवाही के बीच न केवल स्कूल प्रशासन बल्कि पुलिस प्रशासन भी बेखबर है।
स्कूल सेफ्टी के नार्म्स के तहत स्कूलों के बाहर सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं। सोमवार को अमर उजाला ने शहर के कुछ नामचीन स्कूलों के बाहर बच्चों की सुरक्षा का जायजा लिया।
हैवी ट्रैफिक के बीच छुट्टी के दौरान बच्चे सड़क पर दौड़ते नजर आए। सैकड़ों छात्राओं के जीटी रोड पर होने के बावजूद वहां पुलिसकर्मी भी नहीं दिखे।
किसी स्कूल में सीसीटीवी के खराब डायरेक्शन ने वहां की पोल खोली तो कहीं पैरेंट्स ने ही स्कूल के इंतजामों पर सवाल उठाए।
ठाकुरद्वारा बालिका विद्यालय
छुट्टी होते ही ठाकुरद्वारा बालिका विद्यालय की छात्राओं का हुजूम जीटी रोड पर उमड़ा पड़ा। ट्रांसपोर्टेशन सुविधा नहीं होने से बाहर छात्राओं के परिजनों की भीड़ और उनके वाहनों ने जीटी रोड को जाम कर दिया।
स्कूल के बाहर सुरक्षा के नाम पर दो प्राइवेट गार्ड छात्राओं के साथ ट्रैफिक को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। सैकड़ों छात्राओं के जीटी रोड पर होने के बावजूद वहां न तो कोई ट्रैफिक पुलिस कर्मी दिखा और न ही कोई पीसीआर वैन।
स्कूल के गेट पर जमीन की ओर ऐंगल किए हुए कैमरे ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी।
इंग्राहम स्कूल जूनियर विंग
हापुड़ चुंगी स्थित इंग्राहम जूनियर विंग की छुट्टी होते ही बच्चे तेजी से गेट की तरफ दौड़े। गेट के बाहर रिक्शा और वैन खड़ी थी। कुछ पैरेंट्स भी अपने बच्चों को लेने आए लेकिन मौके पर कोई भी ट्रैफिक पुलिस कर्मी मौजूद नहीं था।
बच्चों के बाहर निकलते ही हापुड़ रोड पर जाम लग गया। रोड पर बस के साथ ट्रक भी थे। कुछ पैरेंट्स ने तो बच्चों के साथ हापुड़ रोड पार की।
ऐसे में कोई भी हादसा यहां हो सकता है। अमूमन ऐसे नजारे उन सभी स्कूलों में रहते हैं जो हाइव्रे या मुख्य सड़कों के किनारे हैं।