विधानसभा सत्र के दूसरे दिन दिल्ली सरकार की शराब की नीति को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त बहस हुई। तिमारपुर से आम आदमी पार्टी के ही विधायक पंकज पुष्कर के सवाल पर भाजपा ने सरकार का घेराव किया।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने सदन में इस विषय पर चर्चा की मांग रखी, जिसे यह कहते हुए नकार दिया गया कि प्रश्न में यह विषय जुड़ा हुआ है।
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में शराबबंदी कोई हल नहीं है। जब तक पड़ोसी राज्यों में इस पर पूर्ण पाबंदी नहीं लगती। इस बीच विपक्ष विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर गया।
मंगलवार को तारांकित सवाल के तहत तिमारपुर से आप विधायक पंकज पुष्कर ने राजधानी में खोली गई शराब की दुकानें और इससे संबंधित नीतियों के बारे में सवाल किए।
'शराब के ठेके में नेताओं का कितना धन लगा है, इसका पता करने की जरूरत है'
मनीष सिसोदिया
- फोटो : अमर उजाला
जवाब में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमने नई दुकानों के लिए नीति बना दी है और उसे दिल्ली कैबिनेट ने मंजूरी भी दे दी है। अब इसे जल्द ही उपराज्यपाल के पास भेजा जाएगा।
हमारे लिए शराब नहीं बल्कि दिल्लीवालों का स्वास्थ्य सर्वोपरि है। मगर शराब बंदी को लेकर इस वक्त वही लोग सबसे ज्यादा शोर मचा रहे हैं, जिनकी दुकानें बंद हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में लागू होने वाली शराब की नई पॉलिसी पूरे देश में सबसे बेहतर होगी।
सिसोदिया ने कहा कि शराब के ठेके में नेताओं का कितना धन लगा है, इसका पता करने की जरूरत है। कितने नेताओं के ठेके हैं इसका भी पता किया जाएगा।
राजस्व विभाग जांच कर इसका पता करेगा। सिसोदिया ने कहा कि हमने केवल छह दुकानें बढ़ाईं हैं। ऐसे में क्या इन छह दुकानों से हम करोड़ों का राजस्व अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि यह राजस्व अधिकारियों की मेहनत और करों की चोरी करने वालों को रंगे हाथों पकड़ने से अर्जित हुआ है।
प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव पर भी कसा तंज
मनीष सिसोदिया
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मनीष सिसोदिया ने प्रशांत भूषण व योगेंद्र यादव पर भी तंज कसे। उन्होंने कहा कि आजकल नोएडा और गुड़गांव वालों को भी पता है कि दिल्ली में कितने ठेके खुले हैं।
दरअसल, प्रशांत भूषण नोएडा में रहते हैं और योगेंद्र यादव मूल तौर पर हरियाणा के गुड़गांव क्षेत्र से संबंधित हैं।
इस बीच पुष्कर ने कहा कि शराब की दुकानों को लेकर चार आरटीआई का अलग-अलग जवाब मिला है। उन्होंने बार-बार पूछा कि आखिर मोहल्ला सभा की विधिक स्थिति क्या है।
सदन से विपक्ष ने किया वाकआउट
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली को शराब की मंडी बनाने का आरोप सरकार पर मढ़ा। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में 142 नये लाइसेंस जारी किए हैं।
उपमुख्यमंत्री तोड़-मरोड़कर आंकड़े पेश कर सदन को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014-15 के अंतर्गत 1532 लाइसेंस दिए गए, उन्हीं श्रेणी में 2016-17 में 10 अगस्त तक 1674 नये लाइसेंस जारी किए गए।
पंजाब में नशे की लत पर नियंत्रण करने की बात करने वाली आप पार्टी दिल्ली में शराब लाइसेंस धड़ल्ले से बांट रही है। इसके बाद भाजपा के दोनों सदस्य सदन से निकल गए।