डीएमआरसी के एमडी डॉ. मंगू सिंह ने 22 साल के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि शुरुआती दौर में मेट्रो का दफ्तर काफी छोटा हुआ करता था। इस वजह से उनके साथ एक और अधिकारी को 6 गुना 8 साइज के दो क्यूबिकल मिले हुए थे।
उस वक्त श्रीधरन एमडी थे जबकि दो नए डायरेक्टर को भी पदभार ग्रहण करना था। इसी दौरान डॉ. सिंह और उनके सहयोगी को इस बात की चिंता सताने लगी कि कहीं क्यूबिकल, नए अधिकारियों को न दे दी जाए। इस हालात से बचने के लिए दोनों ने क्यूबिकल के बीच की दीवारें हटा दीं जिससे ओपन स्पेस में उनकी सीटें भी आ गईं।