दिल्ली का मौसम लगातार अपने रंग बदल रहा है। दोपहर में इन दिनों जहां सूरज के तेवर तल्ख हो रहे हैं। वहीं, सुबह-शाम तापमान में कमी होने से गुलाबी सर्दी का एहसास बना हुआ है। आगामी दिनों में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से दिल्ली-एनसीआर में बारिश की भी संभावना बनी हुई है। इसके बाद दिन और रात के तामपान में वृद्धि और होगी।
प्रादेशिक मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच अधिक 31.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से एक अधिक 14.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर में तापमान अधिक होने से गर्मी का अधिक महसूस किया गया। इस वजह से लोग छाव का सहारा लेते दिखे।
हालांकि, शाम होते-होते गुलाबी सर्दी का एहसास बढ़ गया। पिछले 24 घंटों में हवा में नमी का अधिकतम स्तर 93 फीसदी व न्यूनतम 42 फीसदी दर्ज किया गया। दिल्ली का स्पोर्ट्स कांप्लेक्स 32.2 डिग्री सेल्सियस के अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म रहा। वहीं, यहां का न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस रहा जो न्यूनतम में सबसे अधिक था।
मौसम विभाग के अनुसार, हाल में ही एक पश्चिमी विक्षोभ होकर गुजरा है। इस वजह से अभी तापमान में अधिक वृद्धि नहीं हो रही है। आगामी दिनों में भी एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसका असर उत्तर भारत के साथ दिल्ली-एनसीआर में बारिश के रूप में देखने को मिल सकता है। कारणवश न्यूनतम तापमान के साथ-साथ अधिकतम तापमान में भी गिरावट आएगी। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से दिल्ली वासियों को तीन दिन तक राहत मिलने की उम्मीद है।
अगले दो दिनों में सुधरेगी दिल्ली-एनसीआर की हवा
दिल्ली-एनसीआर की हवा शुक्रवार को भी खराब श्रेणी में बनी रही। वहीं, एनसीआर में शामिल केवल ग्रेटर नोएडा की हवा बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई। अगले दो दिनों में मौसमी परिस्थतियों में बदलाव की वजह से हवा का स्तर सुधरकर औसत श्रेणी में पहुंचने की संभावना है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसबी) के अनुसार, शुक्रवार को राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 255 दर्ज किय गया। वहीं, ग्रेटर नोएडा को छोड़कर अन्य शहर भी खराब श्रेणी में रहे। हालांकि, ग्रेटर नोएडा की हवा भी अधिक खराब नहीं रही। इसका एक्यूआइ 301 दर्ज किया गया।
सफर के अनुसार, दो दिनों में मौसम की दशा बदलेगी और इसका असर वायु गुणवत्ता पर पड़ेगा। इस कड़ी मेंछ वायु गुणवत्ता औसत श्रेणी तक पहुंचेगी। हालांकि, इसके बाद हवा की दशा बिगड़कर फिर खराब श्रेणी का दामन थामेगी।