सरकारी मदद लेने से इंकार करने के बाद निरंकारी मैदान में लगाए गये सरकारी टेंट पूरी तरह से खाली हैं। वहां सन्नाटा पसरा है। मैदान में एक कोने में मौजूद करीब दो सौ किसानों ने अपने साथ लाये ट्रैक्टर-ट्रॉली को अपना आशियाना बना लिया है। किसानों का कहना है कि बुराड़ी के निरंकारी मैदान में जो किसान मौजूद हैं वह सांकेतिक हैं।
सरकार किसानों को दिल्ली नहीं आने देना चाह रही थी। सभी को बॉर्डर पर रोक रही थी। ऐसे में उसमें से करीब दो सौ से तीन सौ किसान मुश्किलों को पार कर दिल्ली पहुंच गये। वह सरकार को जताना चाहते थे कि किसान को दिल्ली आने से रोक नहीं सकते।
लुधियाना के रहने वाले किसान सुच्चा सिंह ने बताया कि आंदोलन के लिए जब हम दिल्ली आ रहे थे तो हमने सोचा नहीं था कि हम टेंट में रहेंगे। इसलिए हम लोगों ने सरकारी मदद लेने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि खान पीने से लेकर दवा तक की व्यवस्था उन्हें सेवादारों से मिल रही है। ऐसे में वह सरकारी मदद का ठप्पा अपने उपर नहीं लगाना चाहते।
किसान के सरकारी मदद लेने से इंकार की वजह से निरंकारी मैदान में लगे बड़े बड़े टेंट खाली पड़े हैं। यहां तक कि राजनीतिक पार्टियों की ओर से लगाई गई रसोई भी खाली हैं। वहां केवल सुरक्षा बल के जवान तैनात हैं।