विदेश राज्यमंत्री एवं सांसद वीके सिंह ने गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर के निधन को देश, पार्टी और परिवार के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि मैंने अपना अजीज मित्र खो दिया है। 2013 में गोवा में एक कार्यक्रम में पहली बार उनसे मुलाकात हुई। पहली मुलाकात में ही एक सरल, इंसानियत और सादगी से भरे प्रखर बुद्धि के इंसान होने की उनकी छवि सामने आई।
मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेश की बागडोर हो या फिर रक्षामंत्री की अहम जिम्मेदारी, उन्होंने हर काम में सामंजस्य बिठाते हुए हर चुनौती का सामना किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्षेत्र से जुड़ी हुई जब भी उन्हें कोई समस्या बताई तो उसका तुरंत हल निकाला। समस्या होने पर फोन पर बात करते ही जगह वह घर ही बुला लिया करते थे। उन्होंने पूरा जीवन सादगी के साथ जीकर लोगों पर अपनी अलग छाप छोड़ी। हर चुनौती की तरह अपनी बीमारी को धैर्य, इच्छा शक्ति और साहस के साथ झेला।
कार्यकर्ताओं को दिया था प्रदेश जीतने का मंत्र
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले रक्षा मंत्री रहते हुए मनोहर परिकर ने भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को यूपी में चुनाव जीतने का मंत्र दिया था। 10 जून 2016 को हिंदी भवन में एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे परिकर ने कार्यक्रम में शामिल उद्यमी, व्यापारी और अन्य संगठनों के लोगों के कई सवालों का बेबाकी से जवाब दिया था। उन्होंने देश में होते बदलाव पर प्रकाश डालने के साथ केंद्र के साथ प्रदेश में भाजपा सरकार होने के लोगों को लाभ भी बताए थे। मंच से ही उन्होंने सपा व बसपा पर निशाना साधा था।