सोसाइटी में कुंवारे किरायेदारों का प्रवेश निषेध है। यह लिखा है- सेक्टर-78 की सिक्का कार्मिक ग्रीन्स सोसाइटी के गेट पर बिल्डर की ओर से लगाए गए बोर्ड पर। नोएडा में दूसरे शहरों से लोग आते हैं और यहां पर रहने की जगह तलाशते हैं।
दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद में काम करने वाले भी नोएडा में ही रहते हैं और रोजाना आते-जाते हैं। ऐसे में शहर की हाइराइज सोसाइटियों में बैचलर किरायेदारों की संख्या ज्यादा है। हालांकि सेक्टरों में भी ऐसे किरायेदार रहते हैं।
करीब 25 फीसदी रहते हैं किरायेदार : सोसाइटी में 2016 से लोग रहे हैं। इसमें 692 फ्लैट हैं। अधिकतर फ्लैटों में लोग रह रहे हैं। इसमें 25 फीसदी के आसपास किरायेदार रहते हैं। सोसाइटी निवासियों ने बताया कि दो महीने से यह बोर्ड लगा है।
गार्ड ने बताया कि यह बोर्ड इसलिए लगाया गया है कि सोसाइटी में बैचलर किरायेदार नहीं रखे जाएंगे, लेकिन जो किरायेदार पहले से रह रहे हैं, उनका कुछ नहीं किया जा सकता है। सोसाइटी का संचालन बिल्डर ही देख रहा है।
इसलिए लगाया बोर्ड
सिक्का ग्रुप के मीडिया प्रभारी का कहना है कि सोसाइटी के बाहर यह बोर्ड इसलिए लगाया गया है, क्योंकि हाल ही में सोसाइटी में बैचलर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए गए थे। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो सके इसलिए यह बोर्ड लगाया गया है। नोएडा प्राधिकरण के नोटिस बोर्ड पर काली स्याही शरारती तत्वों ने पोती है। इसका सिक्का ग्रुप से कोई लेना-देना नहीं है।
प्राधिकरण के बोर्ड पर पोती स्याही
सोसाइटी के मेन गेट के बाहर नोएडा प्राधिकरण ने बोर्ड लगाया है, जिस पर बिल्डर पर नोएडा प्राधिकरण का बकाया लिखा था। इस बोर्ड पर काली स्याही पोत दी गई है।