साईं उपवन में डाले गए कचरे की सफाई कर नगर निगम अफसरों ने सोमवार को एनजीटी में हलफनामा दाखिल किया। याचिकाकर्ता ने इस हलफनामे को गलत बताते हुए कूड़े की तस्वीरें पेश कर दी।
याची ने कहा कि यह तस्वीरें बेंच को गुमराह करने के लिए हैं। साईं उपवन में अभी भी कूड़ा है। बेंच ने इस बहस के बाद नगर निगम से सात दिन में एक्शन प्लान के साथ टाइम बाउंड एफिडेविट दाखिल करने को कहा है।
जस्टिस एमएस नांबियार की अध्यक्षता वाली बेंच ने सोमवार को सोसाइटी फॉर प्रोटेक्शन ऑफ इनवायरमेंट एंड बायोडायवर्सिटी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया।
निगम की ओर से अधिकारी भी पेश हुए। हालांकि याची सुशील राघव की ओर से पेश वकील राहुल चौधरी ने दावे को खारिज किया।
वहीं बेंच ने भी निगम को फटकार लगाते कहा कि वह जल्द से जल्द वन क्षेत्र की सफाई कराए और विस्तृत हलफनामा दाखिल करे।
मास्टर प्लान 2021 में साईं उपवन वन क्षेत्र
याची के एडवोकेट राहुल चौधरी के मुताबिक जिस इलाके में ठोस कचरे के साथ सीवेज निकासी की जा रही है वह इलाका मास्टर प्लान 2021 में वन क्षेत्र अधिसूचित है।
कूड़ा पाटने के लिए पेड़ों को गिराया जा रहा है। सीवेज ओवरफ्लो की स्थिति में है। वन क्षेत्र को बर्बाद कर दिया गया है। 6 लाख पौधरोपण हुआ था अब बहुत कम पेड़-पौधे सुरक्षित हैं।
सिटी क्लब पर भी लगाई थी रोक
एनजीटी ने राजनगर की हरित पट्टी में सिटी क्लब के निर्माण पर रोक लगा दी थी। इस मामले में एनजीटी ने बीते वर्ष पर्यावरण मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार, जीडीए को नोटिस दिया था।
याची ने सभी पर आरोप लगाया था कि मास्टर प्लान में दर्शायी गई अधिकांश ग्रीन बेल्ट पर जीडीए अवैध निर्माण और अतिक्रमण कर रहा है।
स्मार्ट सिटी के लिए फिर तैयारी करेगा नगर निगम
पहले चरण में दौड़ से बाहर हुआ निगम अब स्मार्ट सिटी में शामिल होने के लिए नए सिरे से कवायद शुरू करेगा। इसके लिए प्रदेश लेवल पर रणनीति तैयार होगी।
मार्च के पहले सप्ताह में इसके लिए लखनऊ में उच्चस्तरीय बैठक होगी। गाजियाबाद नगर निगम के साथ-साथ इस बैठक में स्मार्ट सिटी की दौड़ से बाहर हुए अन्य निकायों के अफसर भी शामिल होंगे।
स्मार्ट सिटी प्रपोजल में बदलाव कर अब निगम अप्रैल के बाद शुरू होने वाले दूसरे चरण में स्मार्ट सिटी के लिए मजबूत दावेदारी करेगा। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने ऐसे 23 नगर निकायों को अप्रैल तक स्मार्ट सिटी में शामिल होने का दूसरा मौका दिया है।
इन 23 नगर निकायों में राज्य से स्मार्ट सिटी की दौड़ में सबसे आगे रहे नगर निगमों को भाग लेने का मौका मिलेगा। इस चरण में यूपी से सिर्फ लखनऊ का नंबर आएगा।