प्राधिकरण के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह की डायरी में लिखे नामों के बारे में सीबीआई लगातार उनसे पूछताछ कर रही है। जिस वक्त आयकर विभाग ने छापा मारा था, उस समय भी डायरी का जिक्र हुआ था।
सूत्र बताते हैं कि यादव सिंह द्वारा लेनदेन का मामला इतना लंबा होता था, जिसे याद नहीं रखा जा सकता। इसके लिए डायरी में तिथि के हिसाब से लिखा-पढ़ी की जाती थी।
यही डायरी अब यादव सिंह के लिए गले की फांस बन गई है। यादव सिंह ने डायरी से जुड़े नाम उगलने शुरू कर दिए हैं। डायरी की पड़ताल और पूछताछ के दौरान ही सीबीआई अगली गिरफ्तारी के लिए सूची भी तैयार कर रही है।
तीसरी गिरफ्तारी से पहले सीबीआई नोटिस भेजकर पूछताछ भी करेगी। अगला नंबर किसका होगा, इसे लेकर यादव सिंह के साथ काम करने वालों की नींद उड़ी हुई है।
वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने नोएडा विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम बहलोलपुर के पास 30 मीटर रोड पर अंडरपास के निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपये के टेंडर में अनियमितताओं का आरोप लगाया है।