उपराज्यपाल अनिल बैजल ने भी बुधवार को विशेष कमेटी के साथ बैठक कर दिल्ली में कोरोना जांच की प्रगति की समीक्षा की। इस बैठक में उनके आलावा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, प्रधान स्वास्थ्य सचिव और अन्य अधिकारी शामिल थे।
बैठक के बाद अनिल बैजल ने कहा कि दिल्ली में कोरोना इलाज के मामले में अच्छी प्रगति हो रही है। बिस्तरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सभी लोगों को इलाज उपलब्ध कराना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है।
केंद्र ने बुधवार को शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन पर 50 कोचों का एक कोरोना वार्ड स्थापित कर दिया। इनमें 800 कोरोना बेड्स बनाये गये हैं।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इन कोचों का निरीक्षण करने के बाद कहा कि सभी कोच मेडिकल सुविधाओं की नजर से बेहतर हैं। यह अच्छा कदम है और इसी तरह के कदमों के जरिये हम दिल्ली के सभी नागरिकों को कोरोना काल में इलाज उपलब्ध करा पाएंगे।
उन्होंने कहा कि अगले दो दिनों के बाद दिल्ली में रोजाना 18 हजार टेस्ट किए जाएंगे और इससे हम ज्यादा से ज्यादा लोगों की मैपिंग कर सकेंगे।
दिल्ली के छतरपुर एरिया में दुनिया का सबसे बड़ा कोरोना वार्ड बनाने का काम तेजी से चल रहा है। राधास्वामी धार्मिक संगठन इसकी देखरेख करेगा।
यहां पर एक बार में दस हजार कोरोना मरीजों को रखा जा सकेगा। हर वार्ड के लिए एक डॉक्टर और दो नर्स की भी व्यवस्था की जा रही है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार ने सभी कोरोना मरीजों को इलाज देने के लिए कमर कस ली है और हम लगातार अपनी सुविधाओं में बढ़ोतरी कर रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आशंका जाहिर की थी कि जुलाई के अंत तक दिल्ली में 5.5 लाख कोरोना मरीज सामने आ सकते हैं। अगर स्वास्थ्य ढांचे को तेजी से मजबूत नहीं किया गया तो व्यवस्था चरमरा सकती है।