केंद्र और प्रदेश सरकार अपनी योजनाओं का लाख ढिंढोरा पीटें लेकिन मुफलिसी के मारे आज भी जस के तस हैं। दो जून की रोटी और इलाज के लिए लोग आज भी अपने हृदय के टुकड़े को बेचने को मजबूर हैं।
ऐसा ही एक हृदय विदारक वाकया सोमवार को गोरखी मोहल्ले में देखने को मिला। यहां बीमारी से तंग एक महिला खुद के इलाज के लिए अपने कलेजे के टुकड़े को पांच हजार रुपये में बेचने आई थी।
लोगों ने पुलिस को सूचना दी तो महिला कुछ ही देर में बच्चे सहित गायब हो गई। कुछ देर बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे लेकिन उन्होंने इस तरह की जानकारी से इनकार किया है।