- 80 स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की 13 हजार से अधिक सीटों पर प्रवेश, पंजीकरण की तिथि बढ़कर 9 जून तक हुई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2026-27 में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में दाखिले का इंतजार समाप्त हो गया है। विश्वविद्यालय की दाखिला शाखा ने 80 पीजी प्रोग्राम की 13 हजार से अधिक सीटों के लिए प्रवेश कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके तहत पहला सीट आवंटन 15 जून से शुरू होगा। साथ ही छात्रों की मांग को देखते हुए पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 9 जून कर दी गई है। विश्वविद्यालय ने पीजी दाखिले के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 16 मई से शुरू की थी। पहले इसकी अंतिम तिथि 7 जून निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब 9 जून शाम 4:59 बजे तक कर दिया गया है। पंजीकरण करने वाले छात्र 10 जून सुबह 10 बजे से 11 जून शाम 4:59 बजे तक अपने आवेदन पत्र में सुधार भी कर सकेंगे।
18 जून तक दस्तावेजों का सत्यापन-
कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (पीजी) के तहत पहला सीट आवंटन 15 जून को जारी होगा। छात्रों को आवंटित सीट स्वीकार करने के लिए 15 से 17 जून तक का समय मिलेगा। कॉलेज और विभाग 18 जून तक दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे, जबकि फीस जमा करने की अंतिम तिथि 19 जून निर्धारित की गई है। दूसरे चरण का सीट आवंटन 22 जून को होगा। इस चरण में छात्रों को 22 से 24 जून तक सीट स्वीकार करनी होगी। सत्यापन प्रक्रिया 25 जून तक चलेगी और फीस का भुगतान 27 जून तक किया जा सकेगा। विश्वविद्यालय ने ऐसे छात्रों के लिए मिड-एंट्री का भी प्रावधान रखा है, जो निर्धारित अवधि में आवेदन नहीं कर पाए। दूसरे राउंड के बाद खाली सीटों की स्थिति में मिड-एंट्री का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए अलग से शुल्क देना होगा। विश्वविद्यालय ने संकेत दिया है कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सीट आवंटन राउंड भी आयोजित किए जाएंगे।
इस वर्ष दो वर्षीय पीजी पाठ्यक्रमों में दाखिले सीयूईटी पीजी स्कोर के आधार पर होंगे, जबकि एक वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में प्रवेश केवल चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूरा करने वाले डीयू के छात्रों को दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया अगले सप्ताह शुरू होने की संभावना है।