नई दिल्ली। बीकानेर हाउस की मुख्य गैलरी में आयोजित कलाकार कैसांग पद्मा की एकल प्रदर्शनी ‘गार्डियंस ऑफ द थ्रेशहोल्ड’ कला प्रेमियों को आकर्षित कर रही है। उनकी पेंटिंग्स में हिमालय, विशेषकर लद्दाख की खामोशी, आध्यात्मिकता और प्रकृति के विराट स्वरूप को प्रभावशाली ढंग से उकेरा गया है। लूक्स आर्ट हब और ए.जे.एस. नई दिल्ली द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में बड़े आकार की एक्रिलिक कृतियां प्रदर्शित की गई हैं। चट्टानें, पुल, पहाड़ी रास्ते और स्थापत्य संरचनाएं समय, स्मृति और मानवीय अनुभवों के प्रतीक के रूप में उभरती हैं। फिल्म निर्माण और पायलट प्रशिक्षण का अनुभव रखने वाली कैसांग पद्मा की कृतियां दर्शकों को हिमालय की आत्मा और प्रकृति के गहरे संवाद से रूबरू कराती हैं। लूक्स आर्ट हब और ए.जे.एस. नई दिल्ली द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में बड़े आकार की एक्रिलिक कृतियां प्रदर्शित की गई हैं। चट्टानें, पुल, पहाड़ी रास्ते और स्थापत्य संरचनाएं समय, स्मृति और मानवीय अनुभवों के प्रतीक के रूप में उभरती हैं। फिल्म निर्माण और पायलट प्रशिक्षण का अनुभव रखने वाली कैसांग पद्मा की कृतियां दर्शकों को हिमालय की आत्मा और प्रकृति के गहरे संवाद से रूबरू कराती हैं। संवाद