विहिप ने पुलिस आयुक्त, उपराज्यपाल को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जनकपुरी में 20 सितंबर को हुई ईसाई प्रार्थना सभा को लेकर विवाद गहरा गया है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने दिल्ली पुलिस आयुक्त और उपराज्यपाल को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। विहिप ने सभा में धर्मांतरण के आरोप और विरोध के दौरान मारपीट के दावों पर कार्रवाई की मांग की है।
विहिप ने जनकपुरी थाने में दी गई शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने को कहा है। संगठन ने आयोजकों और कथित हमलावरों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही होटल के बुकिंग रिकॉर्ड, आगंतुक रजिस्टर और वित्तीय लेन-देन की जांच कराने को भी कहा गया है। पुलिस ने हालांकि धर्मांतरण के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के अनुसार, यह स्थानीय ईसाई समुदाय की नियमित प्रार्थना सभा थी और जांच में धर्मांतरण का कोई मामला नहीं मिला। विहिप ने दिल्ली में ऐसी सभाओं के जरिये कथित धर्मांतरण के नेटवर्क की जांच की भी मांग की है।
पुलिस पर पक्षपात का आरोप
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई में ढिलाई बरती गई। विहिप ने यह भी मांग की है कि यदि ऐसी सभाएं हर सप्ताह होती हैं तो उनकी आधिकारिक अनुमति की जांच कराई जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे।