संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। प्राचीन कला केंद्र की तरफ से आयोजित दो दिवसीय संगीत समारोह घरानों की स्वर्णिम रागांजलि ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की विरासत को जीवंत कर दिया। यह आयोजन खयाल गायकी के महान आचार्यों को समर्पित एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि थी, जिसने विभिन्न घरानों की विशिष्टताओं को एक मंच पर समाहित किया। समारोह के प्रथम दिवस को उस्ताद चांद खान, उस्ताद नासिर हुसैन खान, उस्ताद आमिर खान और पंडित डी. वी. पलुस्कर जैसे महान संगीताचार्यों को समर्पित किया गया। इस अवसर पर कृष्णा बिष्ट, पंडित विद्याधर व्यास, कंकणा बनर्जी और उस्ताद मुजाहिद हुसैन खान को घराना शिरोमणि सम्मान से अलंकृत किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पंडित विश्व मोहन भट्ट की उपस्थिति रही। वहीं, पंडित सलिल भट्ट सहित अनेक विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहे। दूसरे दिन मंच पर उस्ताद मुजाहिद हुसैन खान और उनके सुपुत्र शाहबाज हुसैन की युगल प्रस्तुति ने समां बांध दिया। इसके बाद पंडित विद्याधर व्यास ने राग हमीर, झिंझोटी और भैरवी में प्रस्तुत भजनों के माध्यम से कार्यक्रम को भावपूर्ण ऊंचाई प्रदान की।