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 दो दिन की हड़ताल पर गए सरकारी लैब टेक्नीशियन

Tue, 20 Sep 2016 12:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग पर अड़ी हरियाणा स्टेट लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन (एचएसएलटीए) की अपील पर सरकारी अस्पतालों के लैब टेक्नीशियन सोमवार से दो दिन की हड़ताल पर चले गए। 
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हालांकि बीके सिविल अस्पताल में इमरजेंसी, महिला एवं प्रसूति रोग विभाग और ब्लड बैंक के मरीजों को जांच सुविधा उपलब्ध रही। वैसे सामान्य मरीज निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर महंगी दर पर जांच कराने को मजबूर हुए।  

एचएसएलटीए के जिला इकाई प्रधान रंजीत सिंह ने बताया कि एसोसिएशन की तीन प्रमुख मांगें हैं। एक दशक पहले सरकार ने वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए माधवन कमेटी गठित की थी। 
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कमेटी ने पे ग्रेड 3600 रुपये करने की सिफारिश की थी, लेकिन 2800 रुपये ही मिल रहे हैं।  ग्रेड पे बढ़ाने वाली फाइल फाइनेंस डिपार्टमेंट के पास काफी समय से अटकी हुई है। 

इसके अलावा केंद्र सरकार की ओर से लैब टेक्नीशियनों को 4200 रुपये ग्रेड पे दिया जा रहा है। एसोसिएशन की मांग है कि अब प्रदेश के लैब टेक्नीशियनों को भी 4200 ग्रेड पे ही दिया जाए।

इसके अलावा लंबे समय से काम कर रहे लैब टेक्नीशियनों को स्थायी नौकरी दी जाए। उन्होंने बताया कि  हड़ताल में जिले के 46 लैब टेक्नीशियन हिस्सा ले रहे हैं। इनमें से 32 अस्थायी लैब टेक्नीशियन हैं।

सामान्य मरीजों को हुई परेशानी 
मालूम हो कि शहर इस समय चिकनगुनिया, डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार की चपेट में है। इन सभी बीमारियों में खून की जांच बहुत जरूरी है। 

हड़ताल होने की वजह से सोमवार को बीके सिविल अस्पताल में एक भी मरीज के सैंपल की जांच नहीं की गई। मरीजों ने या तो निजी लैब से जांच कराई या बिना जांच कराए ही लौटना पड़ा। 

बीके सिविल अस्पताल के कमरा नंबर 12 और 13 के बाहर सुबह नौ बजे से ही सैंपल देने वाले मरीजों की लाइन लग गई थी लेकिन कोई कर्मचारी नहीं आया। 

इस पर कुछ लोग अस्पताल की तीसरी मंजिल स्थित लैब में पहुंच गए। वहां भी लैब टेक्नीशियनों के दो दिन की हड़ताल पर होने की बात कह उन लोगों को वापस कर दिया गया। 

बीके सिविल अस्पताल के लैब टेक्नीशियन रंजीत सिंह ने बताया कि मलेरिया की पुष्टि के लिए रोजाना सवा सौ से ज्यादा स्लाइड बनाई जाती हैं। चिकनगुनिया की जांच कराने वाले 10-15 और डेंगू के 15-18 मरीज आते हैं। 
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