शताब्दी डीरेलमेंट घटना की ज्वाइंट रिपोर्ट तैयार कर स्थानीय अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को दिल्ली मुख्यालय को भेज दी है। जांच टीम ने ज्वाइंट रिपोर्ट में माना है कि देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस का इंजन पटरी से दो कारण के चलते उतरा है।
पहला, ट्रैक पर या तो किसी ने लोहे का टुकड़ा या फिर कोई भारी वस्तु रखी, जिससे इंजन को जोर का झटका लगा और वह उतर गया। दूसरा कारण इंजन की तेज गति को माना है। घटनास्थल पर डैमेज स्लीपर भी इस ओर इशारा कर रहे हैं।
ज्वाइंट रिपोर्ट तैयार करने वाले अधिकारियों का कहना है कि यदि इंजन की गति धीमी होती तो वह जिस स्थान पर गिरा था उससे आगे नहीं बढ़ता, लेकिन ऐसा न होकर इंजन ने पांच स्लीपर तोड़ दिए।
आपरेटिंग-इंजीनियरिंग आमने-सामने
ज्वाइंट रिपोर्ट में भी आपरेटिंग और इंजीनियरिंग विभाग आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। दोनों विभागीय अधिकारी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं। इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि घटना इंजन की तेज गति केचलते हुआ है, जबकि आपरेटिंग विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि एलाइनमेंट और मेंटेनेंस की कमी के चलते घटना हुई है।
ज्वाइंट रिपोर्ट मुख्यालय पहुंची
ज्वाइंट रिपोर्ट बृहस्पतिवार को दिल्ली मंडल के डीआरएम, आपरेटिंग, सिग्नल और इंजीनियरिंग विभाग के उच्चाधिकारियों के पास पहुंच गई है। मंडल अधिकारी का कहना है कि शुक्रवार को ज्वाइंट रिपोर्ट पर उच्चाधिकारियों के साथ मंथन होगा। इसके बाद स्थानीय अधिकारियों को भी बुलाया जाएगा, जिसमें सजा पर फैसला होगा।