हाईकोर्ट ने वर्ष 2014 में राजधानी के चिड़ियाघर में सफेद बाघ द्वारा एक युवक को मारने के मामले में सुरक्षा संबंधी लापरवाही बरतने पर राष्ट्रीय प्राणी उद्यान को जिम्मेदार ठहराया है।
अदालत ने कहा कि चिड़ियाघर में यह जानते हुए कि बाडे़ में एक खतरनाक जानवर है, उसके बावजूद वहां चढ़ने से किसी को रोकने के लिए पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई।मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी और न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ ने मृतक मकसूद के आश्रितों को छह लाख रुपये बतौर मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
इस राशि में से पहले ही एक लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। गौरतलब है कि 22 वर्षीय मकसूद 23 सितंबर 2014 को बाघ के बाड़े में कूद गया था और बाघ ने उसकी जान ले ली थी।