जनता दरबार में शुक्रवार को पुलिसवाले ‘सच का सामना’ नहीं कर पाए। पुलिसवालों की बातें झूठी निकलीं। लापता एमबीए स्टूडेंट को पुलिस ने न तो तलाश किया और न ही अपहरण की रिपोर्ट लिखी।
अधिकारियों को बताया कि छात्र खुद गया है और उसके परिजन संतुष्ट हैं। मगर जब परिजन और पुलिसवाले आमने-सामने आए तो पोल खुल गई। एसएसपी ने नासिरपुर चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा सिहानी गेट एसएचओ और हेड मोहर्रिर से स्पष्टीकरण मांगा है। एसएसपी के निर्देश पर देर शाम छात्र के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
जनता दरबार में 75 मामले आए, जिनमें 30 महिलाओं की शिकायतें थीं। शिकायतों की जांच कर रहे पुलिसवालों को भी बुलाया गया था। दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर एसएसपी ने बात की। पटेलनगर से 29 दिसंबर से लापता एमबीए स्टूडेंट अभिषेक के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई।
तत्कालीन चौकी इंचार्ज पटेलनगर घनश्याम सिंह ने न तो अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की और न ही उसे तलाश करना मुनासिब समझा। जबकि उसका एक बार फोन भी परिजनों के पास आया और उन्होंने पुलिस को सूचना भी दी।
इस पर एसएसपी ने फिलहाल नासिरपुर चौकी इंचार्ज घनश्याम को सस्पेंड कर दिया। एसएचओ सिहानी गेट और हेड मोहर्रिर से जवाब तलब किया है कि रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज नहीं की गई।