पश्चिमी यूपी और एनसीआर में आतंक का पर्याय बने अनिल दुजाना और बलराम ठाकुर जेल से ही लोगों की सुपारी लेते हैं और फिर अपने शूटरों से मर्डर कराते हैं।
पकड़े गए तीन बदमाशों ने पुलिस को बताया कि दिवाली तक करीब 10 लोगों को मौत के घाट उतारना था। इंतजार था तो बस ऑटोमैटिक हथियारों का जो अभी नहीं आए थे।
यदि हथियार आ गए होते तो बिलासपुर के एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या हो चुकी होती। एसपी संजय सिंह ने बताया कि अजय उर्फ लाड्डे मेरठ कंकरखेड़ा का रहने वाला था और गांव के ही मुकेश की हत्या कर दी थी।