जयकरण अपहरण कांड की स्क्रिप्ट हरिद्वार में लिखी गई और वारदात का मास्टरमाइंड भी कोई और ही है। पूरे घटनाक्रम के खुलासे के लिए पुलिस की तीन टीमें दीपक के चाचा की तलाश में हरिद्वार, मेरठ और दिल्ली में छापामारी कर रही हैं।
पुलिस का मानना है कि दीपक के चाचा की गिरफ्तारी के बाद ही वारदात से पूरी तरह पर्दा उठेगा। पुलिस दीपक की मां अनीता को भी अपने साथ ले गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जो अपहर्ता पकड़े गए हैं, वह नौसिखिए हैं। उनका क्रिमिनल बैकग्राउंड भी नहीं है। अपहरण की इतनी बड़ी साजिश और दो करोड़ की फिरौती सिर्फ उनके बूते की बात नहीं है। इसके पीछे किसी और का दिमाग है।
एसओ सिहानी गेट रणवीर सिंह ने बताया कि दीपक का चाचा हरिद्वार में टैक्सी चलाता है। वह आपराधिक प्रवृत्ति का है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में उसे साजिश रचने का आरोपी बनाया है।
पता चला है कि वह अपहरण के बाद गाजियाबाद भी आया था। उसी ने हत्या कर जयकरण के शव को छिपाने के लिए हरिद्वार लाने को कहा था। वह मास्टर माइंड हो सकता है, या फिर उसके पीछे भी कोई और है।
जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दीपक और चाचा के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। इसके अलावा दीपक की पत्नी, नशे का इंजेक्शन और पिस्टल देने वालों की भी तलाश हो रही है।
बेकसूर आयुष भी सिहानीगेट थाने में
बेकसूर आयुष (13) भी दो दिन से सिहानी गेट कोतवाली में है। उसकी मां पुलिस हिरासत में है और दोनों भाई अपहरण के आरोप में जेल में हैं। वह अकेला कहां जाए, इसलिए पुलिसवालों ने उसे अपने पास रखा है।
आयुष ने जयकरण को पेटीज खाने के लिए दी थी। दीपक का भी उसने विरोध किया था, मगर दीपक ने उसे और अपनी मां को गोली मारने की धमकी दी थी।
किराएदारों के सत्यापन को चलेगा अभियान
जयकरण अपहरण कांड के बाद अब पुलिस जागी है। पुलिस आरडब्ल्यूए के साथ मिलकर अभियान चलाकर सोसायटीज में सीसी कैमरे लगवाने के साथ ही किराएदारों का सत्यापन कराएगी। थाने में इसका रजिस्टर भी मेंटेन होगा।
पुलिस वेरिफिकेशन का नियम से पहले से है, मगर इसे अमल में नहीं लाया जाता। इस बार पुलिस अफसर दावा कर रहे हैं कि वे इसे सख्ती से लागू कराएंगे।
सिहानी गेट एसओ ने बताया कि वेरिफिकेशन का प्रोफार्मा भी तैयार कर लिया गया है। आरडब्ल्यूए से भी इस संबंध में बात हो गई है।
ये है मामला
राजनगर एक्सटेंशन की वीवीआईपी सोसायटी में निवासी शेयर ट्रेडर विवेक महाजन और डाक्टर अमीता के बेटे जयकरण (13) का अपहरण कर लिया गया था। आठवीं के छात्र जयकरण को छोड़ने के एवज में दो करोड़ रुपये फिरौती मांगी गई थी। पुलिस ने सोमवार को उसे मुक्त कर तीन अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया था।
जयकरण को सकुशल मुक्त कराने पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बुधवार को एसएसपी धर्मेंद्र सिंह और एसपी सिटी अजयपाल शर्मा को सम्मानित किया।
साथ ही क्राइम कंट्रोल करने को 14 सूत्री सुझाव पत्र भी दिया, इसमें मुखबिरी तंत्र को मजबूत करने, चेकिंग बढ़ाने, गश्त करने, ऑटो थेफ्ट सेल और शिकायत प्रकोष्ठ को प्रभावी बनाए जाने आदि सुझाव दिए गए हैं।
व्यापारियों में प्रीतम लाल, शिव शंकर राठी, राज किशोर गुप्ता, सुबोध गुप्ता, मनवीर नागर, धर्मेंद्र सिंह आदि थे।