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बेटी के लिए न्याय मांगा तो खुद ही जेल गए थे तलवार दंपति, अब कौन करेगा जांच की मांग

Fri, 13 Oct 2017 11:54 AM IST
संजय शिशौदिया/ अमर उजाला, गाजियाबाद
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arushi talwar
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पहले यूपी पुलिस और फिर सीबीआई की दो टीमों की जांच। विशेष कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक का सफर, मगर नतीजा वही ‘सिफर’। इंतहा यह कि 9 साल की लंबी कवायद के बाद भी सीबीआई की दोनों टीमों की जांच भी एक नतीजे पर नहीं पहुंच सकीं।
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  सीबीआई कोर्ट में वैज्ञानिक तथ्यों के बजाय परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर सख्त सजा की मांग करती दिखी। इस पर कोर्ट ने संदेह का लाभ देकर तलवार दंपति को बरी कर दिया। इससे देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी जिसकी तुलना यूएसए की एफबीआई से की जाती है के सामने ‘आरुषि का हत्यारा कौन ’का सवाल मुंह बांए खड़ा है।

अपनी बेटी और नौकर की हत्या के आरोप में दोषी ठहराए गए तलवार दंपति को अब हाईकोर्ट ने भले ही बरी कर दिया हो, मगर नोएडा के जलवायु विहार में हुआ यह डबल मर्डर केस अब फिर से मिस्ट्री बन गया है। सवाल यह है कि जब तलवार दंपति ने आरुषि-हेमराज की हत्या नहीं की तो आखिर उनका कत्ल किसने किया।
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हत्या में शामिल हथियार पर भी नहीं एकमत

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जलवायु विहार के एल-32 मकान में वर्ष 2008 में हुई देश की इस सबसे बड़ी मिस्ट्री का राज अब शायद ही कभी खुले। पड़ताल में कमी यूपी पुलिस की रही हो या फिर सीबीआई की, मगर यह बात अब तय हो गई है कि दोनों ही जांच एजेंसियां इस केस की कड़ी जोड़ने में असफल रहीं।   तलवार दंपति के खिलाफ सीबीआई एक भी ऐसा सबूत नहीं जुटा पाई, जिससे उन्हें आरोपी ठहराया जा सके। इस दोहरे हत्याकांड में आखिर किस हथियार का इस्तेमाल किया गया, इस पर भी जांच एजेंसियां एकमत नहीं हो सकीं।   यूपी पुलिस इस हत्याकांड में धारदार तेज हथियार और हथौड़ा होने की बात कर रही थी। एम्स के सात डाक्टरों की टीम ने भी खुखरी जैसे हथियार से हत्या किए जाने की बात कही थी, मगर सीबीआई ने सर्जिकल ब्लेड और गोल्फ स्टिक से ही हत्या होना बताया।
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अब कौन करेगा जांच की मांग

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तलवार दंपति को इस केस में बेटी की हत्या का न्याय मांगना ही भारी पड़ गया था। पूर्व में सीबीआई ने जहां इस मामले में क्लोजर दाखिल की थी, वहीं दोबारा केस ओपन होने पर राजेश तलवार के साथ-साथ उनकी पत्नी नूपुर तलवार को भी आरोपी बना दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता मनोज शिशोदिया का भी कहना है कि अब उनके मुवक्किल शायद ही इस केस की दोबारा जांच की मांग करें क्योंकि पूर्व में सिर्फ संदेह के आधार पर सीबीआई ने पूरी कहानी खड़ी की और कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी।

इस केस से जुडे़ कई ऐसे मामले आज भी यक्ष प्रश्न बनकर खडे़ हैं, जिनके सवाल सीबीआई के पास नहीं हैं। यह सवाल निम्न हैं-
- हेमराज की हत्या के बाद भी उसका फोन किसने उठाया।
- तलवार दंपति जब सो गए थे तो सारी रात इंटरनेट पर काम किसने किया।
- शराब की बोतल, तीन ग्लास और उंगलियों के निशान किसके थे।
- नार्को टेस्ट के बाद संदेह के घेर में आने के बाद भी नौकर कृष्णा और राजकुमार को आखिर क्लीन चिट क्यों दे दी गई।
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